प्रदेश में गर्मी से बुखार के नौ मरीज मिले, रहें सावधान

रायपुर। मौसम विभाग 'लू' अलर्ट जारी करने के लिए अभी गर्मी को अपने पैमाने पर परख रहा है, लेकिन पारा तो चढ़ गया है। दोपहर 12 बजे के बाद से दिन में निकलना मुश्किल हो रहा है तो वहीं सूरज ढलने के बाद भी अच्छी खासी गर्मी बनी हुई है। प्रदेश में एक अप्रैल से आज तक गर्मी के चलते बुखार के नौ मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं, इन्हें लू का मरीज माना जा सकता है। हालांकि राहत ये है कि सभी स्वस्थ हैं।
दूसरी तरफ प्रदेश के सभी सरकारी, निजी अस्पतालों में लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। गुरुवार को रायपुर का तापमान 42.8 डिग्री रहा, जो आने वाले 24 घंटे में 44 तक पहुंच सकता है, इसलिए आप स्वयं का धूप से बचाव करें।
कैसे लगती है लू
लू लगने की वजह है शरीर में नमक और पानी की कमी का होना। नमक और पानी, पसीने के रूप में शरीर से निकल जाता है और फिर खून की गर्मी को बढ़ा देता है। सिर में भारीपन महसूस होता है। नाड़ियों की गति बढ़ जाती है, ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। हाथ-पैर के तलबों में जलन होने लगती है। सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। बुखार बढ़ जाता है। मरीज को चक्कर आने लगते हैं। समय पर इलाज न मिलना जान भी ले सकता है।
1 अप्रैल से अब तक कहां-कहां मिले मरीज- बालोद 2, बेमेतरा 1, कबीरनगर 1, कोरबा 3, रायगढ़ 1, सुकमा 1
लू से बचने के उपाय-
1- शरीर में पानी की कमी न होने दें। स्वच्छ पानी पीएं। हैंडपंप का पानी पीने से बचें।
2- तेज गर्म हवाओं में बाहर जाने से बचें। निकलना जरूरी ही है तो ढीले कपड़े पहनकर निकलें, ताकि हवा लगती रहे। सिर ढ़क कर रखें। टाइट और गहरे रंग के कंपड़े न पहनें। सूती कपड़े पहनें, सिंथेटिक-नॉयलॉन और पॉलिएस्टर के कपड़ें न पहनें।
3- खाली पेट बाहर न जाएं, भूखे न रहें। ठंडा शरबत पीकर निकलें, जैसे आम पना, शिकंजी, खस।
4- धूप से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करें। चश्मा पहनकर बाहर जाएं। चेहरे को ढक कर रखें।
5- बहुत पसीना आने पर आए तो फौरन ठंडा पानी न पीएं। सादा पानी धीरे-धीरे करके पीएं।
6- रोजाना नहाएं, शरीर को ठंडा रखें।
7- बाजार से कटे हुए फल न खाएं। घर को ठंडा रखने की कोशिश करें। खस के पर्दे, कूलर का इस्तेमाल करें।
सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी जगहों पर इमरजेंसी दवाएं की व्यवस्था करवा दी गई है। जागरूकता के लिए होर्डिंग, पोस्टर भी चस्पा करवाए जा रहे हैं। अभी तक लू का कोई मरीज नहीं आया है। – डॉ. केआर सोनवानी, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर
एक्सपर्ट व्यू-
सावधानी बरतें
पसीना आने से शरीर में नमक पानी की मात्रा कम हो जाती है। बुखार बढ़ जाता है और व्यक्ति एकाएक कमजोर हो जाता है। यही लू के लक्षण है। इसलिए पानी की कमी न होने दें,नमक पानी का घोल, ओआरएस पीते रहें तो और भी बेहतर है। ढीले कपड़े पहने, कॉटन के कपड़े ज्यादा अच्छे हैं। चेंज ऑफ वेदर से बचें। यानी की एसी, कूलर से सीधे बाहर न निकलें। बॉडी टेम्प्रेचर नॉर्मल होने दें। बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतें, क्योंकि उन्हें लू लगने का खतरा इनमें युवाओं से कभी अधिक होता है। कोशिश करें कि 12 के पहले और शाम पांच के बाद ही निकलें। ज्यादा वक्त दफ्तर, घर में ही बिताएं। – डॉ. अब्बास नकवी, सीनियर फिजिशियन
