मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर हर्बल गार्डन

मुंबई। मध्य रेल अपने यात्रियों के लिए एक पर्यावरण अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में अपने प्रयासों में लगातार प्रयासरत है और उसने अपने क्षेत्र में विभिन्न ग्रीन पहलें शुरू की हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई में एक हर्बल गार्डन की अवधारणा मुंबई मंडल की एक ऐसी अनोखी पहल है। एक विशाल क्षेत्र में स्थित, यह गार्डन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के प्लेटफार्म नंबर 18 के प्रवेश द्वार पर हेरिटेज गली के पास स्थित है। हर्बल पौधों एवं झाड़ियों की लगभग 120 विभिन्न प्रजातियों के संग्रह का यह गार्डन निश्चित रूप से अपनी तरह का एक अलग है, इसमें लगाये गए हर्बल पौधों में अश्वगंधा का उपयोग विभिन्न रोगों जैसे कुष्ठ रोग, तंत्रिका संबंधी विकार, स्वर संबंधी रोग, गठिया और सभी प्रकार की कमजोरी के लिए टॉनिक के रूप में किया जाता है और जोश एवम जीवन शक्ति को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किया जाता है, ब्राह्मी जिसका उपयोग मिर्गी, पागलपन और स्मृति हानि जैसे मानसिक विकारों के उपचार में किया जाता है; ईवनिंग प्रिमरोज़, जिनमें से तेल व्यापक रूप से आहार अनुपूरक के रूप में, कॉस्मेटिक प्रयोजनों के लिए और महिलाओं के मासिक धर्म से सम्बंधित बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है, मेन्थॉल मिंट, जो व्यापक रूप से टूथपेस्ट, माउथ वाश और कॉस्मेटिक तैयार करने में भी उपयोग किया जाता है। मेन्थॉल का उपयोग दर्द बाम, एनाल्जेसिक क्रीम और कफ सिरप आदि दवाओं में भी किया जाता है। इन संग्रह में अडूसा, अजवाईन, अपामार्ग, इलायची, काली मिर्च, शतावरी, तुलसी आदि जड़ी बूटियों को खांसी और जुकाम के लिए प्रभावी उपाय के रूप में उपयोग किया जाता है। सरपा गांधा, गिलोय, लौंग आदि जो कई रोगों और व्याधियों के लिए प्रभावी उपाय हैं। हर्बल या औषधीय पौधे आमतौर पर कई स्वास्थ्य लाभों के लिए लोकप्रिय व प्रसिद्ध हैं। निम्न रक्तचाप , हृदय रोगों की रोकथाम या कैंसर के जोखिम को कम करना इत्यादि के अलावा, ये पौधे ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने और वायु एवम् ध्वनि प्रदूषण को कम करने में भी मदद करते हैं। मध्य रेल हमेशा प्रकृति के संरक्षण और पोषण में सबसे आगे रहा है और इसका हॉर्टिकल्चर विभाग विभिन्न पौधों और फूलों की प्रदर्शनियों में कई पुरस्कारों और ट्राफियों का विजेता रहा है। यह पहल एक हरित रेलवे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
