महिला के साथ गैंगरेप के चार आरोपी 12 घंटे में गिरफ्तार, रातों-रात भाग गए थे बिजौलिया

कोटा ।  नौकरी का झांसा देकर महिला के साथ गैंगरेप करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है। बदमाश गैंगरेप करने के बाद मौैके से फरार हो गए थे, जो पकड़े जाने के डर से बिजौलिया पहुंच गए, लेकिन, पुलिस भी रातो-रात उनके पीछे पड़ गई और उन्हें बिजौलिया से गिरफ्तार कर लिया। उद्योगनगर सीआई विजयशंकर शर्मा ने बताया कि 12 जुलाई को देर राम महिला ने थाने में रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में कहा कि एक व्यक्ति उसे नौकरी देने के बहाने से प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना की तीसरी मंजिल पर बने फ्लैट में ले गया। वहां पहले से उसके साथी मौजूद थे, जिन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। सामूहिक दुष्कर्म के बाद चारों उसे कार में अपहरण करके ले जाने लगे, लेकिन महिला की समझदारी काम आ गई। महिला ने इस दौरान चुपचाप अपने परिजनों को फोन करके खुद के सकंट में होने की बात बताई। जैसे ही महिला को बदमाश ले जाने लगे, महिला के परिजन आ गए। जिससे डरकर बदमाश महिला को वहां पटककर भाग गए।  पुलिस ने दिखाई तत्परता, धरे गए बदमाश इस मामले में पुलिस ने भी ऐसी तत्परता दिखाई की बदमाश तुरंत की पकड़ लिए गए। पुलिस ने मामले में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर ली और बदमाशों के पीछे पड़ गई। पुलिस ने तुरंत टीम का गठन भी कर दिया। पुलिस ने टेक्निकल अनुसंधान के आधार पर कोटा-चित्तौड़ रोड पर सलावटिया चौराहा, बिजोलिया के पास से कार में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में शिवकुमार (23) पुत्र गोपाल लाल निवासी मलारना चोर्ड जिला सवाई माधोपुर, योगेश (26) पुत्र सुंदर निवासी सवाई माधोपुर, रवि (26) पुत्र सत्यनारायण शर्मा निवासी सवाई माधोपुर हाल दादाबाड़ी और विक्रम सिंह (32) पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी सवाई माधोपुर हाल कंसुआ को गिरफ्तार किया है।  पुलिस की इतनी फुर्ती के बावजूद आरोपी दुर्गेश पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। दुर्गेश पूरे मामले में मुख्य आरोपी हैं, जो फरार हैं। इधर, योगेश और शिवकुमार दोनों बेरोजगार है और कोटा में नौकरी की तलाश में आए थे। वे यहां एक प्राइवेट कंपनी में रिज्यूम लगाने आए थे। वहीं, रवि जिम में ट्रेनिंग देने का काम करता है। विक्रम कार ड्राइवर है।

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