म्यांमार में तख्तापलट के बाद से भारत में दाखिल हुए 15 हजार से अधिक रोहिंग्या

जेनेवा । संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने महासभा में पेश की गई एक रिपोर्ट में चैंकाने वाला खुलासा किया है कि म्यांमार में तख्तापलट के बाद से 15000 से ज्यादा लोग भारतीय सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। गुतारेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि म्यांमार के सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य टकराव के चलते थाईलैंड, चीन व भारत पर असर पड़ा है और सीमावर्ती इलाकों में जातीय संघर्ष शुरू हो गया है, जो चिंता बढ़ाने वाली बात है। उन्होंने बताया कि एक फरवरी को हुए तख्तापलट से पहले म्यांमार में तीन लाख 36 हजार लोगों को विस्थापित किया गया था। गुतारेस ने बताया कि तख्तापलट के बाद से अब हिंसा के कारण करीब दो लाख 20 हजार लोग आतंरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा 15 हजार से ज्यादा लोग भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए हैं तो करीब सात हजार लोग थाईलैंड जा चुके हैं।
यहां पर जो सबसे हैरान करने वाली बात है, वह यह कि म्यांमार भारत के साथ करीब 1600 किलोमीटर की बिना किसी तार या बाड़े वाली सीमा साझा करता है, जहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में एक समुद्री सीमा म्यांमार से जुड़ती है। उत्तर-पूर्व में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर व मिजोरम की सीमा भी म्यांमार के साथ मिलती हैं।

Leave a Reply