राज्य के पर्यटन स्थलों ने टिकिट दर बढ़ाई

जयपुर । लंबे समय तक कोरोना लॉकडाउन की वजह से बंद रहे राज्य के पर्यटन स्थलों की कमाई टिकिट बिक्री रूकी रही लॉकडाउन के बाद खुले पर्यटन स्थलों की राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने टिकिट दर बढ़ाकर कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई करने की कोशिश की है।
पर्यटन पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने खुद के अधीन आने वाले किलों, महलों, संग्रहालयों और स्मारकों में अब भारतीय और विदेशी विद्यार्थियों और सामान्य भारतीय सैलानियों के के नॉर्मल और कंपोजिट टिकट शुल्क में बढ़ोतरी की है। अधिकारियों ने बताया कि अन्य राज्यों में भी कोरोना काल में शुल्क में बढ़ोतरी की गई है प्रदेश में यह तैयारी पहले से थी, लेकिन इसमें देरी की गई. इधर पर्यटन उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि टिकट शुल्क में बढ़ोतरी से आगामी दिनों में शहरी और दूसरे जगहों से आने वाले पर्यटकों की आवक पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। आमेर को छोडक़र सभी स्मारकों पर भारतीय पर्यटक की सामान्य दर 50 तो वहीं भारतीय विद्यार्थियों के 20 रूपए का शुल्क लगेगा. अन्य भारतीय पर्यटकों का विश्व विरासत में शुमार आमेर महल, जंतरमंतर, हवामहल, नाहरगढ़, विद्याधर बाग का कंपोजिट टिकट 300 से बढ़ाकर 400 रूपए होगा और विदेशी पर्यटकों के लिए 1000 रूपए का टिकट होगा। जयपुर के अलावा अन्य संरक्षित स्मारकों के लिए भारतीय दर्शक 50, विद्यार्थी 20, विदेशी दर्शक 200, विदेशी विद्यार्थी को 50 रूपए देने होंगे. विश्व विरासत में शुमार आमेर को देखने के लिए भारतीय पर्यटक पहले की तरह जहां 100 खर्च करने होंगे, वही विदेशी पर्यटक को इसके लिए 500 रूपए चुकाने होंगे. आमेर को देखने के लिए भारतीय पर्यटक पहले की तरह जहां 100 खर्च करने होंगे, वही विदेशी पर्यटक को इसके लिए 500 रूपए चुकाने होंगे। जानकारी के मुताबिक राजकीय संग्रहालय अल्बर्ट हॉल में भारतीय पर्यटकों को नॉर्मल टिकट दर 40 से बढ़ाकर 50 रूपए कर दिया है. यहां भारतीय और विदेशी विद्यार्थियों के टिकट शुल्क में बदलाव नहीं किया है भारतीय सैलानी, भारतीय विद्यार्थी सैलानी की कंपोजिट टिकट आमेर महल, हवामहल, जंतर मंतर, अल्बर्ट हॉल, ईसरलाट, विद्याधर बाग, सिसोदिया रानी का बाग, नाहरगढ़ दुर्ग की दरें अलग—अलग हैं वहीं, भारतीय विद्यार्थियों का कम्पोजिट टिकट 40 से बढ़ाकर 100 रूपए, विदेशी विद्यार्थियों का कम्पोजिस्ट टिकट शुल्क 200 से 500 रूपए किया है।
