राज्य में झोंपड़पट्टी का नाम- पता ही ना रहे, सरकार का यह प्रयास है: मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | अब तक झोंपड़पट्टी में रहने वालों का नाम –पता नहीं रहे और राज्य में झोंपड़पट्टी का नामोनिशान ना हो, यह गुजरात सरकार का प्रयास है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ‘मुख्यमंत्री साथे मोकळा मने’ कार्यक्रम की श्रंखला की पहली कड़ी में राज्य के महानगरों के झोंपड़पट्टी क्षेत्रों से आए लोगों के साथ मुख्यमंत्री ने संवाद किया। मुख्यमंत्री ने निर्णायक नेतृत्व के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक अभिनव जनसंवाद उपक्रम ‘मुख्यमंत्री साथे मोकळा मने’ आयोजित किया। इस उपक्रम में वह नियमित रूप से हर माह समाज के विभिन्न वर्गों- आमान्य व्यक्तियों को मुख्यमंत्री आवास पर आमंत्रित कर संवाद स्थापित करेंगे।
आम तौर पर मुख्यमंत्री आवास जाना सामान्य, गरीब, वंचित लोगों के लिए दुर्लभ होता है। विजय रूपाणी ने मुख्यमंत्री- कॉमन मैन के तौर पर अपनी छवि को उजागर करते हुए अब सीएम हाउस को- कॉमन मैन हाउस ऐसे संवाद आयोजित कर बनाया है। अहमदाबाद- गांधीनगर के साथ ही सूरत, वडोदरा, राजकोट और जूनागढ़ के झोंपड़पट्टी क्षेत्रों में बसे नागरिकों को आज मुख्यमंत्री ने अपने आवास स्थल पर आमंत्रित किया था। गांधीनगर में मुख्यमंत्री ने अपने निवास स्थान की हरियाली में गरीब- सामान्य नागरिकों के साथ खुले मेनेजर से बातचीत की। झोंपड़पट्टी के नागरिकों ने भी नि:संकोच रूपाणी के साथ खुलकर बातचीत की। मुख्यमंत्री के समक्ष आज राज्य के महानगरों के शहरी गरीबों- सेवा बस्ती के परिवारों ने अपने प्रतिभाव व्यक्त कर राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से उन्हें मिले लाभ की दिलचस्प बातें की। रूपाणी ने भी अत्यंत संवेदनशील अभिगम से सभी को सुना और शिकायतों का अवसर दिया। नागरिकों की प्रगति के साथ ही राज्य की प्रगति जुड़ी है। इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति झोंपड़पट्टी में से फ्लैट में रहने जाता है तब उसका जीवन स्तर बदलता है। पता बदलने के साथ ही उसका सामाजिक स्तर और महत्वाकांक्षा भी बदलती हैं। सुविधाएं बढ़ती हैं और आखिर वह राज्य के विकास चक्र को आगे बढ़ाती है। यह सरकार राज्य में ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवारों के आवास बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। राज्य सरकार 6 लाख से कम आय वालों को मकान बनाने के लिए 3.5 लाख की सहायता प्रदान करती है।
सरकार की विभिन्न व्यक्तिलक्ष्यी योजनाओं का लाभ लोगों को सरलता से मिले, इसके लिए एक नवीनतम विचार देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक झोंपड़पट्टी और गांव- कस्बे में कोई एक व्यक्ति सक्रिय बने, वह लोगों के फार्म भरवाए तो सेवासेतु कार्यक्रम द्वारा लोगों को सेवाओं का लाभ सरलता से मिलेगा। मुख्यमंत्री के साथ नागरिकों की बातचीत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्काकांक्षी नल से जल योजना को गुजरात में 100 फीसदी सफल बनाने का संकल्प जताया और कहा कि आगामी 3 वर्ष में हर घर को नल से जल देने का कार्य पूर्ण करेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात को असामाजिक तत्वों से पूर्णतया मुक्त करने का अडिग संकल्प व्यक्त करते हुए गुजरात में शराबबन्दी के कड़े अमल का उल्लेख किया। शराब को सामाजिक बुराई मानकर व्यसनमुक्त होने के लिए उन्होंने अभियान चलाने का सुझाव दिया। इस संवाद में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के सन्दर्भ में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि विभिन्न रोगों से बचने के लिए सफाई जरूरी है। उन्होंने सरकार के महत्वाकांक्षी शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम की रूपरेखा देते हुए कहा कि शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम में हर वर्ष आवश्यकता वाले बालकों का निशुल्क उपचार, मुफ्त में कॉकलियर इम्प्लांट के साथ ही वॉल्व- हृदय की समस्याओं के ऑपरेशन भी सरकार द्वारा करवाने का उल्लेख किया।
सरकार सरकारी शालाओं में गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लाने जा रही है। इसका संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि 3 वर्ष में सरकार की गुणवत्ता सुधारने का निर्णय सरकार ने कर लिया है। सरकार ने नवीनतम अभिगम अपनाकर विद्यार्थियों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को अनिवार्य बनाया है। शाला शिक्षण गुणवत्ता सुधार के लिए ‘मिशन विद्या’ भी शुरु किया गया है। इस संवाद गोष्ठी में मुख्यमंत्री ने भ्रूण हत्या को रोकने की नितांत आवश्यकता बतलाते हुए कहा को हर बेटी को जन्म लेने का अधिकार है। समाज में संतुलन के लिए बेटियों का होना जरूरी है। रूपाणी द्वारा शहरी गरीबों के साथ यह खुला संवाद एक उत्साहवर्धक वातावरण बनाने में सफल हुआ है।
