वन विभाग मांग रहा पुलिस की तरह अधिकार

भोपाल । प्रदेश में जंगल माफिया से निपटने के लिए वन ‎विभाग पुलिस की तरह अधिकार मांग रही है ता‎कि जरुरत पडने पर माफिया के ‎खिलाफ बेखौफ होकर गो‎लियों का इस्तेमाल कर सके। संदेही आरोपित की काल डिटेल निकाल सकें। विभाग लकड़ी कटाई, शिकार और वनभूमि पर अतिक्रमण जैसे अपराधों को गैर जमानती घोषित कराने की मांग कर रहा है। वन मुख्यालय ये प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जो जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा। देवास जिले में माफिया ने गोली मारकर वनरक्षक की हत्या कर दी, भोपाल में शिकारियों ने उड़नदस्ता टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। दो दिन में दो घटनाओं के बाद विभाग को जंगल की सुरक्षा में तैनात वनरक्षक की याद आई है। विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसमें पुलिस की तरह आधा दर्जन से ज्यादा अधिकार मांगे जा रहे हैं। ताकि अपराधी घटना को अंजाम देने से डरें। अधिकारियों का तर्क है पुलिस से आरोपित इसीलिए डरते हैं, क्योंकि वे बगैर डरे गोली चला सकते हैं, पर वनकर्मी को ये अधिकार नहीं है। इसी कारण वनकर्मियों को दी गई बंदूकों की दहशत भी नहीं बन पा रही है। विभाग वनकर्मियों को गोली चलाने के अधिकार देने का प्रस्ताव दो दशक में चौथी बार भेज रहा है। दो साल पहले प्रस्ताव पर गृह विभाग का अभिमत मांगा गया, तो अधिकारियों ने यह तर्क देकर लौटा दिया कि इससे वनकर्मी निरंकुश हो जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देवास जिले में वनरक्षक और ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पर अपराधी तत्वों द्वारा हमले को दुखद बताते हुए नाराजगी जताई है। शनिवार को इस मामले में बुलाई आपात बैठक में उच्च अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनकर्मियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। देवास में दिवगंत वनरक्षक को बलिदानी के समकक्ष दर्जा दिया जाएगा। परिवार को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। दायित्व में संलग्न वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। इसके लिए गृह, वन, राजस्व सहित अन्य विभाग संयुक्त प्रयास करें। अवैध खनन करने वाले माफिया को किसी स्थिति में नहीं छोड़ा जाए। प्रदेश में सभी तरह के माफिया पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पर हुए हमले के बारे में जानकारी ली और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि शिवराज सरकार में माफिया के हौसले बुलंद हैं। न माफिया जमीन में गढ़ रहे हैं, न टंग रहे हैं, न निपट रहे हैं। सारी बातें जुमला साबित हो रही हैं। रेत और वन माफिया प्रतिदिन पुलिस और वनकर्मियों पर हमला कर रहे हैं। 

Leave a Reply