वे बोटी-बोटी वाले हैं, हम बहन-बेटियों को सुरक्षा देने वाले हैं: पीएम मोदी

सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर में चुनावी अभियान के तहत विपक्ष पर जमकर हमला बोला। यहीं नहीं पुरानी सरकार के वक्त पश्चिमी यूपी में होने वाले सामुदायिक दंगों और पलायन के जख्मों की लोगों को याद दिलाते हुए विरोधियों को सबक सिखाने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद का नाम लिए बगैर उनके बोटी-बोटी वाले बयान की जनता को याद दिलाते हुए हमला बोला। कहा कि वो बोटी-बोटी की धमकी देने वाले लोग हैं और हम बेटी-बेटी को सुरक्षा और सम्मान देने वाले लोग हैं। आपके इस चौकीदार के लिए किसान हो, जवान हो या फिर नौजवान, सबको सुरक्षा, सबकी समृद्धि और सबको सम्मान, यही ध्येय हमारा रहा है और रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि इन महामिलावटी लोगों के आचरण से पता चलता है कि सत्ता में आने पर वे कैसे कार्य करेंगे। चौधरी साहब को ये याद दिलाना आपका ही दायित्व है, कि उनका भी ठेका किसी ने आपको नहीं दिया है।
हमेशा राष्ट्रहित के लिए, किसान हित के लिए समर्पित रहे चौधरी चरण सिंह जी को आज इन बयानों से कितना दुःख हो रहा होगा, आप भली तरह समझ सकते हैं। उनकी ज़ुबान दंगों के संरक्षकों के विरुद्ध नहीं उठती, हां इस चौकीदार को गाली देने के लिए वो गली-गली घूम रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह ने तो इस स्वार्थ में सारी सीमाएं ही लांघ दी हैं। शामली में, कैराना का वो मॉडल जब घरों पर, दुकानों पर, कब्जे वाले गिरोह खुलेआम घूमा करते थे, पलायन के वो दिन अपने राजनीतिक फायदे के लिए बुआ-बबुआ भुला सकते हैं, लेकिन क्या आप उसको भूल सकते हैं। बहन जी, उन दिनों को अपने स्वार्थ के लिए भुला सकती हैं, लेकिन क्या उत्तर प्रदेश भूल सकता है? जात-पात, बिरादरी के आधार पर कैसे जुल्म हुए, बेटियों के साथ क्या-क्या अन्याय हुआ, कितना अत्याचार हुआ, वो सब याद करिए। सहारनपुर, कैराना और मुजफ्फरपुर सहित पूरे पश्चिमी यूपी में ये फैला रहे हैं कि सहारनपुर एक नई प्रयोगशाला है। पीएम मोदी ने कहा कि लेकिन आप याद करिए। जब दिल्ली में महामिलावट की सरकार थी और यहां सपा की सरकार थी, तब एक प्रयोग इन्होंने मुज़फ्फरनगर में भी किया था। सहारनपुर के बाज़ारों में वो आगज़नी, व्यापारियों के साथ वो अत्याचार, क्या यूपी वो दिन भुला सकता है। तब अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए वो चुप रहे और आज भी अपने स्वार्थ के लिए वो इस क्षेत्र में आप पर हुए अत्याचारों को भूल गए। छोटे चौधरी तो उनसे भी एककदम आगे बढ़ गए हैं। पिछड़ों के हितों की रक्षा कभी नहीं की जाएगी। याद रखिए, कांग्रेस हमेशा से पिछड़ों की विरोधी रही है।संसद में राजीव गांधी ने मंडल कमीशन का विरोध किया। कांग्रेस को ओबीसी कमीशन पर भी ऐतराज रहा है।
