वैराग्य की राह: 15 साल की उम्र में संजोली ने चुना अध्यात्म का रास्ता

खन्ना (लुधियाना), जेएनएन। पंद्रह साल की छोटी सी उम्र में संजोली जैन ने जैन धर्म की दीक्षा लेकर अध्यात्म का रास्ता थाम लिया। यहां अायोजित दीक्षा समारोह में उन्होंने वैराग्य की राह अपनाई। इस मौके पर काफी संख्या में जैन मुनि और अनुयायी मौजूद थे। संजोली दीक्षा लेने के बाद बेहद प्रसन्न और उत्साहित दिखीं।
रीति रिवाजों के बीच संजोली जैन ने ली जैन धर्म की दीक्षा
अमलोह रोड पर स्थित स्वामी छगन लाल जैन मुनि समाधि स्थल के साथ स्थित जैन स्कूल में करवाए गए भव्य दीक्षा समारोह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान बहन संजोली जैन ने पूरी रीति-रिवाज से जैन धर्म की दीक्षा ली। इस दौरान बड़ी संख्या में तपस्वी मुनि पहुंचे।
समारोह में ओम मुनि महाराज, सौरभ मुनि महाराज, विनय मुनि महाराज, श्री विचश्रण मुनि महाराज, पंजाब वीरागंना सुश्री पुष्पा महाराज और उनकी शिष्य शालू जी महाराज, मधुरता जी महाराज, मुजुला महाराज, चेलना जी महाराज, सिमरन महाराज व बड़ी संख्या में अन्य साध्वी शामिल हुईं। इससे पहले दीक्षा समारोह को लेकर एसएस जैन सभा खन्ना की ओर से भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई। इससे पहले तिलक रस्म करवाई गई। मंच संचालन की भूमिका मूनक से पहुंचे रमेश जैन ने निभाई।
आज मेरा रोम-रोम पुलकित : संजोली
वैरागन संजोल ने कहा कि मुझे संसार रूपी कीचड़ से निकालकर अध्यात्म मार्ग में जाना है। आज मेरा रोम-रोम पुलकित है। संसार में सुख क्षण मात्र के हैं। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प के आगे कुछ भी असंभव नहीं है। इस संसार के सागर को वह संयम रूपी नौका में सवार होकर पार कर लेंगी।
