शरजील इमाम के खिलाफ चल रहे राजद्रोह के मामले में 28 मार्च से रोज होगी सुनवाई

नई दिल्ली । दिल्ली दंगे से पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समेत कई जगह भड़काऊ भाषण देने के राजद्रोह के मामले में शनिवार को नया मोड़ आया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब आरोपित जेएनयू छात्र शरजील को पेश किया गया तो उसने भाषणों को स्वीकार या नकारने से साफ इन्कार कर दिया। उसकी तरफ से पैरवी कर रहे वकील ने कहा कि वह इस मामले का पूर्ण ट्रायल चाहते हैं, ताकि अभियोजन अपने दावों को साबित करे। कोर्ट ने तय किया है कि इस मामले में 28 मार्च से रोजाना सुनवाई होगी, ताकि जल्द इसका निपटारा किया जा सके।
इस मामले में गत 24 जनवरी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के कोर्ट ने शरजील के खिलाफ राजद्रोह करने, गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने, सांप्रदायिक नफरत व अफवाह फैलाने समेत कई आरोप तय किए थे। कोर्ट ने आदेश में कहा था कि शरजील ने भाषणाें में भारत की अखंडता और संप्रभुता को चुनौती दी। उसने लगभग हर संस्था, संविधान और लोकतंत्र के विचारों की आलोचना की। धर्मनिरपेक्षता पर संदेह जताया।
