श्रीलंका में आतंकी हमले का खतरा बरकरार, 7 आत्‍मघाती हमलावर गिरफ्तार

कोलंबो : श्रीलंका में इस्लामिक समूह, नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के सात प्रशिक्षित आत्मघाती हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने कहा कि संदिग्धों को सप्ताह की शुरुआत में हम्बनटोटा से गिरफ्तार किया गया था और कथित रूप से ये जहरान हाशिम के करीबी सहयोगी हैं. जहरान ईस्टर संडे के हमले के पीछे का सूत्रधार था. हमले में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे.

बता दें कि श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने भी मंगलवार को कहा कि ईस्टर के दिन हुए हमलों के लिए जिम्मेदार सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया है या उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि उन्होंने आगाह किया कि देश के सामने अब भी आईएसआईएस आतंकी हमलों की खतरा बना हुआ है.
डेली मिरर की बुधवार की रपट के अनुसार, संदिग्धों को हाशिम का एक भाई हम्बनटोटा लेकर आया था. श्रीलंका सरकार ने 21 अप्रैल के हमले के लिए एनटीजे को जिम्मेदार ठहराया है, जिसका कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट से संबंध है, जिसने हमले की जिम्मेदारी ली थी.

रपट में कहा गया है कि संदिग्धों को हथियार चलाने का एक लंबा प्रशिक्षण हम्बनटोटा में दिया गया है. अखबार के अनुसार, बैटिकालोआ स्थित जिऑन चर्च में खुद को उड़ाने वाले मोहम्मद नासर मोहम्मद असथ ने कथित तौर पर प्रशिक्षण निर्देश मुहैया कराए थे. संदिग्धों से एनटीजे के मामलों और बम विस्फोटों से उनके संबंधों के बारे में पूछताछ की जाएगी. इस बीच पुलिस ने बुधवार को तलवारों और चाकुओं का एक जखीरा एक सार्वजनिक कुएं से बरामद किया, जो मलिंगावटे स्थित आर. प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम के बगल में स्थित है.

कम से कम 46 तलवार, एक पिस्तौल और चाकू कुएं के अंदर खाद की एक बोरी में लपेटे पाए गए। तलाशी के दौरान पुलिस ने मेथाम्फेटामाइन भी बरामद किया है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तलाशी अभियान के बाद कुछ लोगों ने इन हथियारों को यहां फेंक दिया होगा.
 

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