‘संकल्प पत्र’ भारत की समृद्धि का दृष्टिकोण, इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया

इन्दौर । स्थानीय भाजपा नेताओं ने पार्टी के 'संकल्प पत्र' को भारत की समृद्धि का दृष्टिकोण बताते हुए कहा कि संकल्प पत्र में गांव, गरीब, किसान को केन्द्र में रखते हुए सभी वर्गो का ध्यान रखा गया है। संकल्प पत्र से यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा और सुशासन हमारा मंत्र है।
सोमवार को भाजपा कार्यालय पर भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमुरी मोघे, बाबूसिंह रघुवंशी, लोकसभा संयोजक व विधायक रमेश मेंदोला, नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा व जिला अध्यक्ष अशोक सोमानी ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, विधायक महेन्द्र हार्डिया, आकाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा, शंकर लालवानी, राजेश सोनकर एवं मनोज पटेल, संतोष मेहता, जयप्रकाश मूलचंदानी, आलोक दुबे, देवकीनंदन तिवारी, मुकेश जरिया व वरूण पाल भी मौजूद थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिये कई आयामों पर काम हो रहा है, संकल्प पत्र को तैयार करने के पूर्व देश के विभिन्न वर्गों व समुदाय से सतत् संवाद के बाद 7700 सुझाव पेटियों, 100 से अधिक संवाद कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के सुझावों को भी प्राथमिकता देते हुए आमजन के मन की बात को संकल्पित किया गया है। अगले पांच वर्षों में हम सामान्य जन-जीवन के हर आयाम को छूते हुए सभी नागरिकों के लिये विकास के अवसर पैदा करने की अपनी कार्यपद्धति पर चलते रहने के लिये प्रतिबद्ध है। सबका साथ-सबका विकास हमारा मूल मंत्र है। हम अपनी सभ्यता की जडों को बनाए रखते हुए एक विकसित भविष्य के लक्ष्यों तक पहुंचने की इच्छाशक्ति व्यक्त करते है।
वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे ने कहा कि संकल्प पत्र में आधारभूत संरचना व नये भारत की बुनियाद में शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए शहरों के विकास के लिये स्थानीय पांच केन्द्र स्थापित किए जायेंगे। जिससे शहरों का विकास सीधे केन्द्र सरकार के माध्यम से होगा। साथ ही 50 शहरों में मेट्रो का सशक्त नेटवर्क विकसित करेंगे, जिससे परिवहन के साथ-साथ विकास को गति मिलेगी।
वरिष्ठ नेता बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार काम कर रही है डिजीटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे नवाचारो के माध्यम से मेक इन इंडिया की परिकल्पना को साकार करने का काम मोदीजी ने किया। उसे आगे बढ़ाते हुए एम.एस.एम.आई.के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने विशेष पैकेज आरंभ किया। छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा रखते हुए उन्हें पेंशन देने तय किया है जिससे एक बहुत बड़े वर्ग को राहत मिलेगी। हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे।
लोकसभा संयोजक व विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र राष्ट्रवाद को समर्पित है, संकल्प है। आतंकवाद, घुसपैठ पर जीरों टालरेंस और सेना के सशक्तिकरण के लिये सुरक्षाबलों को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वन रेंक, वन पेंशन को लागू कर सेवा निवृत्त सैन्यकर्मियों के हितों की रक्षा मोदी सरकार ने की, आतंकवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के लिये सैनों को फ्रीहेण्ड दिया गया था उस नीति का जिरों टारलेंस तक अनुसरण किया जायेगा, जिससे सैनिकों के आत्मविश्वास व मनोबल में वृद्धि होगी, साथ ही साथ घुसपैठ की समस्यांओं व आतंकवाद का अंत होगा।
नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कि संकल्प पत्र में 2022 तक रेल्वे मार्ग को ब्राडगेज करने का संकल्प मोदीजी सरकार की इच्छाशक्ति को दर्शाता है। सभी रेल मार्गो के विद्युतीकरण से आवागमन में लगने वाला समय तो कम होगा ही साथ ही साथ यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी। जल प्रबंधन के लिये जल शक्ति मंत्रालय का गठन देश के विकास में सहायक होगा। जिससे अटलबिहारी वाजपेयीजी की नदी योजनाओं को गति मिलेगी। साथ ही साथ हवाई मार्गो पर आवागमन ज्यादा हो से इसके लिये हवाई अडडों की संख्या दुगुना करने का संकल्प भारत को जल, थल और आकाश पर अग्रणी देशों की सूची में लाने का संकल्प है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कि ये भाजपा का संकल्प पत्र है, जो प्रखर राष्ट्रवाद का जीवंत दस्तावेज है, जिसके शब्द शब्द में शौर्य परिलक्षित हो रहा है। जो भारत के विराट और शक्तिशाली स्वरूप का वैश्विक दर्शन करवाता है। युवा, महिला, विद्यार्थी, किसान, मजदूर, उद्योग, समाज के हर वर्ग के समग्र हितों का समावेशी संकल्पनाद है। यह संकल्प पत्र लोक कल्याण का आंतरिक, ब्राहय सुरक्षा, आर्थिक, विदेश नीति पर भारत की सिंहगर्जना है।
जिला अध्यक्ष अशोक सोमानी, राजेश सोनकर व मनोज पटेल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी ने किसानों की आय को दुगुना करने के लक्ष्य को मिशन के रूप में लिया है। इसके लिये 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिये किसान सम्मान निधि योजना बनाई है, जिसका दायरा बड़ा कर देश के सभी किसानों को इसमें शामिल करेंगे, जिससे किसानों की आय सुनिश्चित हो सकेगी। 60 साल के बाद के छोटे व सीमांत किसानों के लिये पेंशन देने का संकल्प किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ब्याजमुक्त किसानों क्रेडिट कार्ड ऋण के माध्यम से 1 से 5 वर्ष तक के लिये अल्पावधि कृषि ऋण जीरों प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे छोटे-छोटे किसानों को बीज, खाद, दवाईयों जैसी छोटी-छोटी जरूरत की वस्तुओं के लिये भटकना ना पड़े। अधिक से अधिक किसानों की पहुंच को बाजार तक बढ़ाने के लिये 10 हजार किसानों उत्पादक संगठन का गठन में सहयोग करने का संकल्प किसानों के प्रति समर्पण को दिखाता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता, शंकर लालवानी, मधु वर्मा ने कहा कि मोदीजी के नेतृत्व में पूरे विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा है। इस मान सम्मान को स्थापित रखते हुए आगे बढ़ाने के लिये वसुधैव कुंटूम्बकम् के दर्शन को केन्द्र में रखते हुए पड़ोंसी मित्र देशों के साथ संबंधों को और अधिक मजबूत किया जायेगा, साथ ही साथ एक दूसरे की संस्कृति, ज्ञान और तकनीक को साझा करने से पड़ोसी मित्रों से संबंधों को मजबूत करने के संकल्प को बल मिलेगा। महिला सशक्तिकरण के लिये बेटी-बचाओं बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए उच्च शिक्षा, ऋण में रियायत देने का संकल्प, उज्जवला, सौभाग्य योजना से महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के लिये स्वंय सहायता समूह, महिला उद्यमियों, महिला कृषिकों को संसाधनों की उपलब्धता को बढ़ाया जायेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती, विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पर गति देने वाले 22 चैपिंयन सेक्टर की पहचान कर निर्णयाक नीतियों के माध्यम से रोजगार के नये अवसर पैदा किये जायेंगे, साथ ही कौशल विकास के लिये तकनीक व नये अवसरों के लिये तैयार उद्योगों के लिये नेशनल रिस्केलिंग और अपस्किलिंग नीति बनाई जायेगी। युवाओं इंजीनियरिंग व ला कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीट बढ़ाई जायेगी। शिक्षा को सर्व सुलभ व सदृढ बनाने के लिये केन्द्र व नवोंदय विद्यालयों की संख्या को बढ़ाने का संकल्प शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने व प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर देने की इच्छा शक्ति को दर्शाता है।
विधायक महेन्द्र हार्डिया व संतोष मेहता ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में एक ऐतिहासिक योजना के रूप में दुनियों की सबसे स्वास्थ्य योजना चिन्हित है। हर गरीब के दरवाजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उददेश्य से टेलिमेडिसिन के प्रावधानों और डायग्नॉस्टिक लैबोरेटिरी सुविधाओं को बढ़ाने पर फोकस है जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति को आसानी से स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। नर्सो व डॉक्टरों के लिये सीटे बढ़ाई जायेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत ढांचे के लिये 3 संसदीय क्षेत्रों के बीच एक अस्पताल उपलब्ध हो इस कदम को आगे बढ़ाते हुए हर जिले में निजी व सरकार सहभागिता से एक चिकित्सालय व स्नोकोत्तर चिकित्यालय के लक्ष्य को पूरा किया जायेगा। प्रारंभ में 75 चिकित्सा महाविद्यालयों शुरू किया जायेगा।
