संगरूरः शिक्षामंत्री की कोठी घेरने जा रहे ईटीटी अध्यापकों पर पुलिस का लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की

कई दिनों से शिक्षा मंत्री विजयइंद्र सिंगला की कोठी के पास मुख्य मार्ग पर पक्का धरना लगाए बैठे ईटीटी पास बेरोजगार अध्यापकों ने रविवार को उनकी कोठी का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।  प्रदर्शनकारी नहीं रुके तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इससे 12 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं धक्का-मुक्की से छह पुलिस मुलाजिम भी घायल हुए हैं।
गौरतलब है कि कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर ईटीटी पास बेरोजगार अध्यापक शिक्षामंत्री की कोठी के पास ही पक्का धरना लगाए बैठे हैं। उनकी सुनवाई न होने पर रविवार को उन्होंने शिक्षामंत्री की कोठी का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने अध्यापकों के काफिले को रोकने के लिए बैरिकेड लगाकर बठिंडा-चंडीगढ़ बाईपास रोड पर ही रोक लिया।

इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड लांघकर कोठी तक जाने की कोशिश की। उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की। उसके बाद लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में घायल हरप्रीत सिंह पटियाला, देसराज जालंधर, गुरसिमरत सिंह संगरूर, उमेश कोटकपूरा, सुखदेव सिंह, गुरप्रीत सिंह कंबोज, मनी संगरूर, मनदीप कौर, सुखदीप कौर, जसविंदर कौर, सोनिया राजवीर कौर, सुरजीत कौर को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

अध्यापकों के साथ हुई धक्का-मुक्की में एएसआई ट्रैफिक पवन कुमार, एसएचओ लहरा सतनाम सिंह, महिला मुलाजिम शुभदीप कौर, गगनदीप कौर, गुरदीप कौर और अमनदीप कौर घायल हो गईं। इसके बाद बेरोजगार अध्यापक दोबारा कोठी के मोड़ पर आकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने बेरोजगार अध्यापकों को शिक्षामंत्री की कोठी तक पहुंचने से रोकने के लिए तीन स्तर पर पुलिस जवानों का स्लैब बनाकर तैनात किए गए थे।

रस्सियों की मदद से बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था। बेरोजगार अध्यापकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता संघर्ष जारी रखा जाएगा। सरकार व पुलिस प्रशासन लाठी के बल पर उनका संघर्ष दबाना चाहती है लेकिन यह उनकी बड़ी भूल है कि संघर्ष को लाठी के बल पर नहीं दबाया जा सकता।

 

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