गायक सिद्धू मूसेवाला के खिलाफ एसजीपीसी ने पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत, कहा- सजा होनी चाहिए

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गायक सिद्धू मूसेवाला के खिलाफ सिख भावनाओं को पीड़ा पहुंचाने के आरोप में अमृतसर पुलिस कमिश्नर सुखचैन सिंह को एक शिकायत दी है। एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला द्वारा गए एक गीत में सिख इतिहास की सत्कार योग्य शख्सियत माता भाग कौर जी का अपमान किया गया है।
गायक की इस करतूत के बाद सिखों में रोष व्याप्त है। एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह के निर्देश के बाद सिद्धू मूसेवाला के खिलाफ पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज करवा दी गई है। सिद्धू मूसेवाले का कृत्य माफी योग्य नहीं है। उसे सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की सजा मिलनी चाहिए। सिख धर्म के महान योद्धाओं और शूरवीरों के कारण ही देश का सभ्याचार बच सका है।

सिद्धू मूसेवाले जैसे लोग सस्ती शोहरत बटोरने की खातिर ऐसा कर रहे हैं। संगत को इस प्रकार के लोगों को नकार देना चाहिए। इस गायक का कसूर आम माफी से खत्म होने वाला नहीं है।
बिना देरी माफी मांगे गुरदास मान
इसी दौरान डॉ. रूप सिंह ने पंजाबी लोक गायक गुरदास मान द्वारा पंजाबी भाषा को नीचा दिखाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि मां बोली पंजाबी को नीचा दिखाने वाला पंजाबी नहीं हो सकता। पंजाबी लोक गायकी ने ही गुरदास मान को शिखर तक पहुंचाया। मां बोली और मां धरती का एहसान कभी चुकाया नहीं जा सकता।

न ही किसी को इसकी तौहीन करते हुए देखा जा सकता है। पंजाबी के नाम पर अपनी रोजी-रोटी चलने वाले लोगों का दोहरा चेहरा पंजाबियों को स्वीकार नहीं है। गुरदास मान को अपनी इस गलती पर बिना देरी किए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। डॉ. रूप सिंह ने पंजाब सरकार पर भी पंजाबी की अनदेखी करने पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पूर्व के बारे में प्रदेश भर में स्थापित किए जा रहे अंग्रेजी के होर्डिंग पंजाब सरकार की पंजाबी विरोधी मानसिकता का परिचय है। पंजाब सरकार ने पंजाबी का सम्मान कम करने की कोशिश की है। सरकार भाषा के प्रति अपनी नीति स्पष्ट करे।

 

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