सायबर अटैक : जांच में जुटी सायबर सेल 

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र के साथ हुई सायबर ठगी ने जिले में बढ़ते सायबर अपराधों की तरफ ध्यान आकर्षण किया है. पेâसबुक आईडी हैक करने और डेटा चुराकर ब्लेकमेल करने की वारदातें पहले ही सायबर सेल के चुनौती बनी हुर्इं थीं. अब एक नये तरह के सायबर अटैक का मामला सामने आ रहा है. वाट्सअप अकाउंट हैक करके वंâटेंट चुराने और फिर ब्लेकमेंलिंग और धोखाध़ड़ी करने जैसे मामलों ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिये हैं. पुलिस अधिकारी ने बताया कि हैकर्स लॉगइन करने से पहले वॉट्सएप की ओर से इंटरनेट यूजर नंबर पर भेजे गए ओटीपी एसएमएस को अपना बताकर यह जालसाजी कर रहे हैं. इसी ओटीपी नंबर को हासिल कर जालसाज संबंधित व्यक्ति के व्हाट्सएप को अपने फोन में लॉगइन कर लेते है. व्हाट्सएप से बैकअप री-स्टोर कर डाटा के साथ छेड़छाड़ भी कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक साईबर अटैक के इस नये तरीक को लेकर स्टेट सायबर भी सक्रीय है. इस तरह की ठगी करने वाले गिरोहों को डिकोड करने में जुटा हैं.
जामताड़ा मॉड्यूल पर शक…………
व्हाट्सएप हैकिंग के पीछे जामताड़ा मॉड्यूल पर शक है. गिरोह लॉकडाउन के समय से एमपी में सक्रिय है. ओटीपी हासिल कर डेटा का गलत इस्तेमाल करना मकसद रहता है. यदि व्हाट्सएप के बैकअप से उन्हें आपत्तिजनक कंटेंट मिलता है तो जालसाज फिरौती की रकम भी मांग सकते हैं. देश के कुछ हिस्सों में ऐसा पहले भी हो चुका है. चौकाने वाली बात यह है की अकेले राजधानी भोपाल में ही गत दिवस एक दिन में ही ४० से ज्यादा हैविंâग की शिकायत सामने आई है. पुलिस को जामताड़ा मॉड्यूल पर शक है. स्टेट सायबर सेल पूरे मध्यप्रदेश से इस तरह की हैविंâग के मामले जुटा रहा है. माना जा रहा है की यह गिरोह राजधानी, जबलपुर, इंदौर सहित प्रदेश के करीब एक दर्जन शहरों में अपना जाल बिछा रहा है.

Leave a Reply