सियाचिन पहुंचे राजनाथ सिंह, जवानों को संबोधित करते हुए कहा- ‘आपके साहस और जज्बे को सलाम’

सियाचिन में करीब 1100 जवानों ने बलिदान दिया है. यहां उनके साथ सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के अलावा सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं. इनके अलावा उत्तरी सेना के कमांडर ले. जनरल रणबीर सिंह, 14 कॉर्प्स कमांडर और करगिल युद्ध के नायक रहे ले. जनरल वाईके जोशी भी उपस्थित हैं.रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन पहुंचनें के बाद सियाचिन में तैनात जवानों से मुलाकात की. इसके साथ ही उन्होंने आला अफसरों से सियाचिन के रक्षा हालात और जवानों की जरूरतों की जानकारी ली. इस दौरान राजनाथ सिंह ने जवानों की विरता को सलाम करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों में जवानों और अधिकारियों के प्रति देश को गर्व है.आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, यहां की हर मुश्किल परिस्थितियों में पूरे साहस और उत्साह के साथ जवान देश की सुरक्षा करते हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि हम उन जवानों के साहस को सलाम करते हैं. बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री पद की शपथ लेते ही राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुख से मुलाकात की थी. राजनाथ सिंह पिछली मोदी सरकार में राजनाथ गृह मंत्री थे. इस बार यह मंत्रालय भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिया गया है. पदभार संभालने से पहले राजनाथ ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी. कोराकोरुम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सर्वोच्च सैन्य क्षेत्र है जहां जवानों को अत्यधिक सर्दी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है. सर्दियों में ग्लेशियर पर भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात है. यहां तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है.
