सूबे में कई जगह बारिश, 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम; मानसून की दस्तक 6 को

अमृतसर. सूबे में वीरवार को प्री-मानसून ने दस्तक दे दी है। रोपड़, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर में तेज बारिश के साथ हवाएं भी चलीं। वहीं, लुधियाना, पटियाला और जालंधर सूखे रहे। हालांकि शाम को कुछ देर के लिए बादल छाए रहे और बंूदाबांदी भी हुई। 6-8 जुलाई तक मौसम ऐसा ही रहेगा।
मौसम विभाग की मानें तो सूबे में 6 जुलाई के बाद मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। उधर, हिमाचल में 6 जुलाई से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में हरियाणा में भी मानसून पहंुच जाएगा। वीरवार को जालंधर और अमृतसर का अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच रहा, जबकि गुरदासपुर और पठानकोट में हुई बारिश के बाद लुधियाना के तापमान में 5.4 डिग्री की कमी आई।
यहां अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। जबकि बुधवार को यहां का तापमान 38 डिग्री था। उधर, अमृतसर के रामतीर्थ के गांव कोटला में बारिश व तेज हवाओं के कारण खेतों में बनाए कमरे की छत गिर गई और दो मजदूर मलबे में दब गए।
बाद में दोनों की मौत हो गई। दोनों बिहार के रहने वाले थे। वहीं, हरियाणा में आईएमडी ने अब 24 घंटे में उत्तरी हरियाणा के अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर सहित दक्षिण के कई जिलों में माॅनसून के आगमन की संभावना जताई है।
पंजाब-हरियाणा में 8 साल में 5वीं बार देरी से पहंुचेगा मानसून :
मानसून अब तक देश के कई राज्यों मंे दस्तक दे चुका है। पंजाब व हरियाणा में इसके पहुंचने में देरी हो रही है। यह पहली बार नहीं है। पिछले 8 सालों में यह 5वीं बार हो रहा है, जब मानसून का आगमन जून की बजाए जुलाई में होगा।
देशभर में औसत से 28% कम बारिश, फसलें हो सकती हैं प्रभावित :
इस मानसून सीजन के लगातार 5वें हफ्ते भी सामान्य से कम बारिश हुई। 3 जुलाई को मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार मध्य और पश्चिमी भारत में अच्छी बारिश हुई। लेकिन देशभर में अब तक बारिश का आंकड़ा 28% कम है। जून की शुरुआत से 3 जुलाई के बीच पिछले 50 साल में बारिश 6% कम हुई है। कम बारिश का असर फसलों की पैदावार पर पड़ सकता है। अब तक मध्य भारत में 43% ज्यादा पानी बरसा, जो सोयाबीन और कपास के लिए फायदेमंद है, जबकि रबड़ और चाय उत्पादक केरल में 87% कम बारिश हुई।
