हाईकोर्ट का फरमानः युवाओं को नशे से बचाने के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करें पंजाब सरकार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने युवाओं में बढ़ती नशे की लत रोकने और उन्हें नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने का पंजाब सरकार को आदेश दिए हैं। जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने प्रत्येक जिले के डीसी से आग्रह किया है कि वह इसके लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार करें और जल्द से जल्द प्रत्येक स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन शुरू करें। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इसके लिए बजट की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने के भी आदेश दे दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि युवाओं में खेल के प्रति रुझान बढ़ाकर उनको ड्रग्स और नशे से दूर रखा जा सकता है। साथ ही बेंच ने पंजाब सरकार को एक टोल फ्री नंबर जारी किए जाने के आदेश दिए हैं जिस पर कोई भी नागरिक ड्रग पैडलर, स्मग्लर, कुरियर वाले या कोई अन्य जो इस रैकेट में शामिल हों, उनकी जानकारी दे सके। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाए ताकि जानकारी देने वालों को कोई परेशानी न हो।
प्रत्येक कुरियर कंपनी रखे ड्रग डिटेंशन किट
कुरियर कंपनियों के जरिये ड्रग्स की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट ने प्रत्येक कुरियर कंपनी को ड्रग डिटेक्शन किट बुकिंग काउंटर और डिलीवरी की जगह पर रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही सभी कुरियर कंपनियों और फार्म्स को एनडीपीएस एक्ट के प्रति जवाबदेह बनाए जाने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।
प्रत्येक अस्पताल में ही खुलें डी-एडिक्शन सेंटर
हाईकोर्ट ने कहा कि बेहतर होगा की अगर हॉस्पिटल में ही ड्रग डी-एडिक्शन केंद्र खोल दिए जाएं। इस दिशा में कार्रवाई के हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दे दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि हॉस्पिटल में ही अगर ड्रग्स डी-एडिक्शन केंद्र खोल दिया जाए तो इससे ड्रग एडिक्ट्स के इलाज में काफी लाभ हो सकता है।
