हाईकोर्ट ने कहा- हैदराबाद फोरेंसिक लैब में होगी हार्ड डिस्क की जांच

इंदौर. मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में हाईकोर्ट ने वीडियो और ऑडियो की जांच हैदराबाद की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैब में कराने का आदेश दिया है. मंगलवार को हाईकोर्ट के जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला ने इस मामले में आदेश जारी किया जिसमें कहा गया है कि जो हार्ड डिस्क (Hard disc) बंद लिफाफे में एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र को सौंप गई थी वो अब उसे सीलबंद लिफाफे में सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी हैदराबाद को जांच के लिए भेज दें.

हनीट्रैप से जुड़ी 2 याचिकाओं पर 10 फरवरी तक टली सुनवाई

हनी ट्रैप से जुड़े मामले पर इंदौर हाईकोर्ट ने 3 अलग-अलग याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की. हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कोर्ट की अभिरक्षा में जमा कराई गई हार्ड डिस्क को सील बंद लिफाफे में एसआईटी को सौंपा जिसे एसआईटी की टीम दूसरे साक्ष्यों के साथ हैदराबाद की फोरेंसिक लैब परीक्षण के लिए भेजेगी. बाकी दोनों याचिकाओं पर 10 फरवरी को सुनवाई होगी.

मीडिया ट्रायल को लेकर लगी नगर निगम के निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट ने कोई जवाब नहीं दिया है, यानी हनी ट्रैप से जुड़ी किसी भी तरह की खबर के प्रकाशन और प्रसारण पर हाईकोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है. तीसरी याचिका आरोपी मोनिका यादव की ओर से एडवोकेट सुदर्शन जोशी ने दायर की थी इस पर भी कोर्ट ने कोई आदेश नहीं दिया है.

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