140 फीट गहरे बोरवेल में फंसा है दो साल का फतेहवीर, 15 घंटे बचाने की चली रही काेशिशें

वीरवार को घर के सामने ही खेतों में खेलते समय नौ ईंच चौड़े 140 फीट गहरे बोरवैल में गिरा दो वर्षीय फतेहवीर सिंह को बचाने की कोशिशें जारी है। एनडीआरएफ और पुलिस की टीम बच्चे को बचाने के लिए कोशिशेों में जुटी है। बच्चे तक पहुंचने के लिए मौके पर खोदाई का काम जारी है। एनडीआरएफ की टीम अभी तक बच्चे के पास पहुंच नहीं पाई है। 15 घंटे के फतेहवीर बोरवेल पाइप में फंसा हुआ है। कैमरे की मदद से बच्चे की हरकत पर नजर को रखी जा रही है, लेकिन रात एक बजे के बाद से कोई हरकत दिखाई नहीं दे रही है।
परिवार फतेहवीर की सलामती की दुआ कर रहा है, जबकि पल-पल बीतने के साथ ही फतेहवीर की जिंदगी की डोर कमजोर होती दिखाई दे रहे है। पाइप की मदद से बच्चे तक आक्सीजन पहुंचाई जा रही है। वीरवार सात बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जिसने तुरंत ही राहत कार्य आरंभ कर दिया था। साथ ही डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर टीम की 45 सदस्यीय टीम भी रात को मौके पर पहुंची व 26 सदस्यीय एनडीआरएफ की टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारी रात भर मौके पर जमा रहे।
रात भर चला रैसिक्यू, 15 घंटे से बोरवेल के पाइप में फतेहवीर
बता दें कि सुनाम के नजदीकी गांव भगवानपुरा में वीरवार शाम 4.30 बजे एक दो वर्षीय बच्चा खेत में बने नौ ईंच चौड़े और 140 फुट गहरे लोहे के बोरवेल में गिर गया। यह घटना उस समय हुई जब फतेहवीर सिंह अपने घर के सामने ही खेत में खेल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासनिक अमले के साथ एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य में जुट गई है।
बोरवेल में बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए उस तक ऑक्सीजन सप्लाई पहुंचाई जा रही है तथा बच्चे तक पहुंच बनाने के लिए बोरवेल के साथ तीन जेसीबी मशीनों व दर्जन भर ट्रैक्टरों की मदद से गड्ढा खोदा जा रहा है। मौके पर डीसी घनश्याम थोरी, एसडीएम मनजीत कौर, डीएसपी हरदीप सिंह रैस्क्यू पर नजर रखे हुए हैं। मौके पर शिअद विधायक परमिंदर सिंह ढींडसा, आप विधायक हरपाल चीमा भी पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। परिवार में शादी के सात साल बाद पैदा हुए फतोहवीर का 10 जून को तीसरा बर्थडे था।
ऐसे गिरा बच्चा बोरवेल में
फतेहवीर के परिजन खेतों में काम कर रहे थे और वह खेल रहा था। खेलते-खेलते खेत के बीच दस वर्ष पुराने बोरवेल जिसे परिवार वालों ने प्लास्टिक की बोरी से ढका हुआ था के पास जा पहुंचा। अचानक बच्चे का पांव बोर पर आ गया और बोर पर लगी बोरी कमजोर होने के कारण बच्चा सीधा बोल में नीचे चला गया। जब तक बच्चे के परिजन उसे बचाने के लिए भागे व गहराई तक जा चुका था।
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140 फीट गहरा बोर, 120 फीट पर अटका है बच्चा
बचाव कार्य में बठिंडा से आई एनडीआरएफ की 26 सदस्यों की टीम जुटी हुई है। टीम ने बोरवेल में कैमरा डाला तो यह एक सौ फीस फुट पर अटक गया। जब कैमरे से फोटो लिए गए तो बच्चे के हाथ हिलते हुए नजर आए। एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि बोरवेल 140 फीट गहरा है जबकि एक सौ बीस फुट पर बच्चा अटका हुआ है।
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बोरवेल में इस साल घटी चर्चित घटनाएं
– 21 फरवरी, 2019 : महाराष्ट्र के पुणे में 200 फुट गहरे बोरबेल के बीच 10 फुट की गहराई में फंसे 6 साल के बच्चे को 13 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद एनडीआरएफ ने सकुशल बाहर निकाल लिया।
– 21 मार्च, 2019 : हिसार के गांव बलसामंद में बोरबेल में 60 फीट नीचे गिरे डेढ़ साल के बच्चे नदीम को 47 घंटे बाद सुरक्षित निकाला।
– 13 अप्रैल, 2019 : मथुरा जिले के अगरयाला गांव में पांच साल के बच्चे को 100 फुट गहरे बोरबेल से एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला गया।
