24 वर्ष पूर्व समर्पित किए गए राष्ट्रसंत के महामंत्रों की महामांगलिक आज नए वर्ष पर मिलेगी सौगात में

इन्दौर । राष्ट्र संत एवं मालवा अंचल के तप शिरोमणि आचार्य ब्रम्हलीन प.पू. नवरत्न सागर सूरीश्वर म.सा. द्वारा 24 वर्ष पूर्व प्राचीन ग्रंथों एवं पुराणों पर आधारित कल्याणकारी महामंत्रों की महामांगलिक का दिव्य अनुष्ठान शनिवार 6 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से अभिजीत मुहूर्त में रेसकोर्स रोड स्थित जियो बास्केटबॉल एरिना के सभागृह में आचार्य विश्वरत्न सागर म.सा. के पावन सान्निध्य में होगा। शहर के हजारों नागरिक इस आयोजन का लाभ उठाएंगे। इसके पूर्व सुबह 11 बजे से स्वामी वात्सल्य का आयोजन होगा।
नवरत्न परिवार के संरक्षक ललित सी. जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतेश ओस्तवाल, रेसकोर्स रोड़ जैन श्रीसंघ के डॉ. प्रकाश बांगानी, मनीष सुराना, राजीव भांडावत एवं जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के अध्यक्ष दिलसुख राज कटारिया एवं कांतिलाल बम ने बताया कि सकल जैन श्रीसंघ एवं नवरत्न परिवार की मेजबानी में हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर आचार्यश्री विश्वरत्नसागर म.सा. की ओर से शहर के नागरिकों के लिए महामांगलिक एक अनूठी सौगात होगी जिसमें प्राणीमात्र के लिए सभी प्रकार के रोगों, दुखों, कष्टों एवं भय तथा आदि-व्याधि सहित जीवन की तमाम कठिनाईयों से मुक्ति दिलाने वाले ऐसे महामंत्र हैं, जिन्हे स्वयं प.पू. गुरूदेव नवरत्नसागर म.सा. ने 24 वर्ष पूर्व समाज के हित में समर्पित किया है। इन महामंत्रों के चमत्कारिक परिणाम अनेक स्थानों पर अनुभूत किए जा चुके हैं। केंसर जैसे असाध्य रोगों से भी अनेक लोगों को मुक्ति मिली है। यहां तक कि धर्म या ईश्वर में आस्था नहीं रखने वाले लोग भी महामांगलिक की चमत्कारिक शक्ति से प्रभावित हुए हैं। कारोबार में असफलता, नौकरी में अडचन, संपत्ति के विवाद, ब्याह शादी में रूकावट जैसे मामलों में भी अनेक लोग अब तक लाभान्वित हो चुके हैं। नवरत्न सागर ने अपने पट्टधर शिष्य आचार्य नवरत्नसागर म.सा. को उत्तराधिकार में ये महामंत्र सौंपे हैं। प्रत्येक माह अमावस्या के बाद आने वाली एकम तिथि पर आचार्यश्री द्वारा जनसामान्य के लिए उनकी स्थिरता वाले स्थान पर महामांगलिक का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि महामांगलिक के श्रद्धा पूर्वक श्रवण मात्र से अनेक रोग, शोक, मोह एवं संसारी जीवन की विभिन्न बाधाओं से मुक्ति मिलती है। किसी भी धर्म, जाति, उम्र एवं वर्ग के नागरिक इस महामांगलिक का निशुल्क लााभ उठा सकते हैं। स्टेडियम में प्रवेश के लिए कोई बंधन या प्रवेश पत्र नहीं है लेकिन प्रवेश ‘पहले आए पहले पाए‘ के आधार पर ही दिया जा सकेगा। 12 बजे बाद प्रवेश देना संभव नहीं होगा। श्री जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ, नवरत्न परिवार एवं सकल जैन श्रीसंघ की मेजबानी में यह बहुप्रतीक्षित आयोजन हो रहा है जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
:: बनना है तो समाज को जोड़ने वाले पुल बनों, बांटने वाली दीवार नहीं ::
आज सुबह रतनबाग से विहार कर आचार्य विश्वरत्नसागर न्यू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शेखर पार्क में नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतेश ओस्तवाल के कार्यालय पहुंचे जहां उन्होने आशीर्वचन देकर रेसकोर्स रोड़ के लिए प्रस्थान किया। रेसकोर्स रोड़ स्थित आराधना भवन पर आचार्यश्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि दुर्लभी मनुष्य जन्म प्राप्त करने के बाद भी हमने अब तक अपने शरीर, दुकान एवं कार्यालय आदि का ही कल्याण किया है, कभी आत्मा के कल्याण का पुरूषार्थ नहीं किया। हमने केवल शरीर की कीमत को ही महत्व दिया है, आत्मा की कीमत को नहीं समझा। जिस दिन आत्मा निकल जाएगी, उस दिन हमारे अपने भी साथ छोड़ देंगे। आत्मा ही परमात्मा है। दीवार और पुल के निर्माण में एक जैसा ही मटेरियल लगता है, कारीगर भी एक ही होते हैं लेकिन दीवार तोड़ने या बांटने का काम करती है जबकि पुल दो सिरों को जोड़ने का। समाज को जोड़ने वाले लोगों की जरूरत है, तोड़ने वालो की नहीं। धर्मसभा को मुनिराज प.पू. उत्तमरत्नसागर म.सा., कीर्तिरत्नसागर म.सा. एवं गंभीर रत्न सागर म.सा. ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में डॉ. प्रकाश बांगानी, प्रीतेश ओस्तवाल, यशवंत जैन, दिलीप सी. जैन, मनीष सुराना, कांतिलाल बम, शेखर गेलड़ा आदि ने सभी समाज बंधुओं का स्वागत करते हुए शनिवार को हो रहे महामांगलिक के दिव्य अनुष्ठान का पुण्य लाभ उठाने का आग्रह किया और बास्केटबॉल काम्पलेक्स की व्यवस्थाओं का ब्यौरा दिया।
