अपनी होशियारी के कारण फंसी खन्ना पुलिस, नहीं दे पा रही फादर एंथनी के घर से पकड़े 9.66 करोड़ के सुबूत

जालंधर : फादर एंथनी के घर से बरामद कैश से छह करोड़ रुपये गायब करने के आरोप के मामले में खन्ना पुलिस बुरी तरह से फंस गई है। रेड टीम के सदस्य आइजी क्राइम की अध्यक्षता में बनी जांच टीम के आगे यह साबित नहीं कर पा रहे हैं कि पादरी के घर से कितने रुपये बरामद हुए थे? करोड़ों की बरामदगी का क्रेडिट लेने के चक्कर में दिखाई चालाकी ने अब खन्ना पुलिस की रेड टीम पर कार्रवाई की तलवार लटका दी है। खन्ना पुलिस के पास एक भी ऐसा सुबूत नहीं है, जिससे वो साबित कर सके कि पादरी एंथनी के प्रतापपुरा स्थित घर से 16.65 करोड़ नहीं, बल्कि सिर्फ 9.66 करोड़ रुपये ही बरामद हुए थे।

इस मामले में खन्ना में नाकाबंदी से कैश बरामदगी की खन्ना पुलिस की कहानी सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद फेल हो चुकी है। वहीं फादर एंथनी के पूरे मामले में उनके पास कैश के पक्के सुबूत होने के दावे के आगे खन्ना पुलिस के पास बचाव के लिए कुछ भी नहीं बचा है। आइजी क्राइम प्रवीन सिन्हा की टीम ने जब घर से खन्ना पुलिस से उनके ही दावे के मुताबिक 9.66 करोड़ मिलने के बारे में पूछा तो किसी के पास कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि इस बात को माना गया है कि रूटीन केसों की तरह पुलिस अक्सर केस को मजबूत करने का दावा कर बरामदगी को दूसरी जगह से दिखाती है।

झूठी कहानी गढऩे के चक्कर में नहीं रखे गवाह

खन्ना पुलिस को कैश फादर एंथनी के घर से मिलना था और उसे खन्ना में नाकाबंदी से दिखाया जाना था। यह तैयारी करके ही टीम यहां रेड करने पहुंची थी। जानकारों की मानें तो इस मामले में पुलिस को पहले पुलिस रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए थी। अगर उसमें फादर एंथनी पर हवाला मनी का शक था तो फिर ईडी और अगर इन्कम टैक्स चोरी का संदेह था तो इन्कम टैक्स के अफसरों को साथ लेना चाहिए था लेकिन पुलिस अकेले ही रेड करने पहुंच गई। फिर यहां आने के बाद उन्हें जालंधर सिटी पुलिस से तालमेल कर साथ लेना चाहिए था या फिर कम से कम सीनियर अफसरों को सूचित करना चाहिए था। लेकिन पहले से ही झूठी कहानी गढ़ चुकी और क्रेडिट अकेले लेने के चक्कर में खन्ना पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया।

चूंकि पुलिस को यह कार्रवाई खन्ना में दिखानी थी, इसलिए कैश बरामदगी के वक्त का कोई वीडियो भी अभी तक पुलिस वालों ने नहीं दिखाया है। यही वजह है कि अब फादर एंथनी के घर से कितना कैश बरामद हुआ? यह साबित करने के लिए उनके पास न कोई गवाह है और न कोई सुबूत। इन्कम टैक्स को पैसा भी पैक करने के बाद सौंपा गया। वहीं इस मामले में फादर एंथनी के घर के अंदर और फर्स्ट फ्लोर पर सीसीटीवी कैमरा तलाशने की कोशिश भी की गई लेकिन वो भी नाकाम रही। यही वजह है कि अब खन्ना पुलिस के रेड टीम से जुड़े तमाम कर्मचारी व अफसर खौफजदा हैं कि उन पर कार्रवाई होनी तय है। हालांकि आइजी जांच टीम की तरफ से अभी तक इस मामले में कुछ भी नहीं कहा जा रहा है।

खन्ना पुलिस में चर्चा, किसी अफसर या नेता ने किया गाइड

खन्ना पुलिस के भीतर चर्चा है कि फादर एंथनी के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की कमजोरी के बारे में उन्हें किसी बड़े अफसर या नेता ने गाइड किया है। पुलिस की कार्रवाई का क्या प्रोसीजर होता है और उसमें खन्ना पुलिस ने क्या-क्या कमियां छोड़ीं?, इसके बारे में कोई अनुभवी ही बता सकता है। इसलिए क्रेडिट के चक्कर में पहले सीमा उल्लंघन कर फादर एंथनी व उनके साथ के लोगों को गिरफ्तार करने वाली खन्ना पुलिस के अब पसीने छूट रहे हैं।
 

फादर के दस्तावेजों की क्रॉस चेकिंग में जुटा इन्कम टैक्स

फादर एंथनी के लुधियाना में इन्कम टैक्स अफसरों को सौंपे दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच टीम के मुताबिक यह देखा जा रहा है कि फादर एंथनी ने जिन कंपनियों का हवाला दिया है, उनमें क्या खरीदा गया? क्या और कितने का बेचा गया? उसके बदले बनता इन्कम टैक्स जमा कराया गया या नहीं? जांच टीम के मुताबिक दस्तावेज काफी ज्यादा हैं, जिसमें अभी जांच में टाइम लगेगा।
 

जीएसटी महकमे ने शुरू की प्राइवेट स्कूलों की जांच

फादर एंथनी के किताबें बेचने के करोड़ों के कारोबार से जीएसटी महकमा भी एक्टिव हो गया है। उन्होंने डिवीजन के अंडर आते जालंधर, अमृतसर व लुधियाना के प्राइवेट स्कूलों को उनके स्कूलों में किताबें व यूनीफॉर्म सप्लाई करने वाले वेंडरों और पब्लिशर्स का ब्योरा तलब कर लिया है। जीएसटी अफसरों के मुताबिक अगर स्कूलों ने किताबें बेचने के लिए खुद ही इंतजाम किया है तो उन्हें वह जीएसटी नंबर देना होगा जिसके जरिए उन्होंने वेंडर या पब्लिशर को पेमेंट की। इसके अलावा सहोदया के अधीन चल रहे लगभग 70 स्कूलों में किताबें आदि सप्लाई करने वाले फादर एंथनी की फर्मों की जांच भी जीएसटी ने शुरू कर दी है। जीएसटी के सीनियर अफसर ने कहा कि फादर एंथनी के मामले में किताबें बेचने के करोड़ों का कारोबार सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
 

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