तन के स्वास्थ्य और मन के सौंदर्य को पाने का सहज तरीका है ओशो के ध्यान एवं साधनाओं में 

इन्दौर । ओशो के ध्यान एवं अन्य साधनाओं में हर आयु वर्ग के लिए तनाव से मुक्ति, मन के प्रदूषित विचारों की सफाई, शरीर को स्वस्थ और सुंदर बनाने तथा आपसी रिश्तों में माधुर्य के साथ जीवन में खुशहाली लाने के उपाय बताए गए हैं। हम जितनी लगन और निष्ठा से इन उपायों को आत्मसात करेंगे, उतना अधिक लाभ हमें मिलेगा। 
सपना-संगीता के पीछे अशोक नगर स्थित ओशो ग्लीम्पस पर चल रहे 20 दिवसीय ओशो ध्यान एवं तनाव मुक्ति शिविर में आज सुबह प्रेम गरिमा ने साधकों को विभिन्न क्रियाओं का प्रशिक्षण देते हुए उक्त बातें कही। आज आस्ट्रेलिया से आई कोमल नामक 25 वर्षीया युवती भी इस शिविर में पहुंची और अन्य साधकों के साथ डायनेमिक ध्यान, कुंडलिनी, नाद ब्रम्ह और नटराज जैसे ध्यान एवं नृत्य तथा रेचन का अभ्यास किया। कोमल ने बताया कि उसे अपने किसी स्थानीय मित्र से इस शिविर का पता चला और ढूंढते ढूंढते वह यहां तक आई है। यहां आकर उसे प्रेम गरिमा का सान्निध्य मिला तो इस एक घंटे की मुलाकात में ध्यान और नृत्य करते हुए कई बार उसे रोना भी आया। उसने कहा कि इस तरह रोने से उसके मन का बोझ हलका हुआ है। हम कई बार अपने अंतर्मन की व्यथा को शेयर नहीं करते हैं और धीरे-धीरे मन बोझिल होने लगता है। यहां रोने से मन एकदम साफ हो गया है। इंदौर की उषा रानी के साथ कोमल ने अनेक ध्यान एवं योग की क्रियाएं भी की। 
प्रेम गरिमा ने बताया कि 20 दिनों तक चलने वाले इस शिविर में अनेक तरह के ध्यान, नृत्य एवं शरीर से जुड़ी विभिन्न क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए बच्चों के लिए भी एक विशेष शिविर लगाया जाएगा। फिलहाल 18 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरूषों के लिए प्रतिदिन सुबह 7.30 से 8.30 बजे तक नियमित कक्षाएं चल रही हैं। इच्छुक साधक ओशो ग्लीम्पस के अशोक नगर स्थित इस केंद्र पर सुबह आकर संपर्क कर सकते हैं। पहले दो दिन के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण का प्रावधान रखा गया है।  

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