नदी से निकाला 30 टन कचरा, इसमें 21 टन तो पूजा की सामग्री!

अहमदाबाद. म्युनिसिपल ने जनभागीदारी से साबरमती सफाई के महाअभियान का बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौजूदगी में प्रारंभ किया गया। रिवर फ्रंट के पूर्व और पश्चिम के सुभाष ब्रिज से दधीचि ब्रिज के बीच सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 30 मैट्रिक टन कचरा एकत्रित किया गया, जिसमें 21 टन कचरा नागरिकों द्वारा नदी में फेंकी गई पूजा-पाठ की सामग्री थी।
चूनरी, कपडा, नारियल ही सर्वाधिक निकले
9 टन प्लास्टिक बोतल और मसाले के उपयोग में ली जाने वाली थैलियों का कचरा निकला है। बुधवार की सुबह गांधी आश्रम के पीछे स्थित घाट के पास मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उनकी पत्नी अंजलि रूपाणी ने सफाई काम किया। पूर्व और पश्चिम किनारे पर करीब 22 से 26 हजार लोग इस सफाई अभियान में जुड़े होने का दावा कार्पोरेशन द्वारा किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में जुडे लोगों को परेशानी न हो, इसलिए दधीचि और सुभाष ब्रिज के बीच नदी के किनारों को कुल 12 ब्लॉक में विभाजित किया गया था और संकलन रहे इसके लिए हर ब्लॉक की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी गई थी। हर स्थान पर सीढी के जरिए लोगों को नदी पट में उतारा गया।
मुख्यमंत्री की अपील
यह अभियान आगामी 9 जून तक नदी का सफाई अभियान चालू रहेगा। मुख्यमंत्री ने नदी की सफाई के महाअभियान में लोगों को जुड़ने तथा रोज सुबह और शाम को एक घंटे श्रमदान करने की अपील की है।
नदी में कचरा फेंकने वालों से बड़े पैमाने पर वसूला जाएगा जुर्माना
साबरमती नदी का सफाई अभियान खत्म होने के बाद नदी में पूजा की सामग्री अथवा कचरा फेंकने वाले लोगों से बड़े पैमाने पर जुर्माना वसूल किया जाएगा। क्योंकि नदी से बड़े पैमाने में पूजा सामग्री और प्लास्टिक की थैलियां बरामद हुई है।
