विशेष अभियान में 15 दिन में 1.24 लाख वाहनों पर कार्रवाई, नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा

जयपुर: राजस्थान की सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुधारने और वीआईपी कल्चर (VIP Culture) के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को सबक सिखाने के लिए पुलिस मुख्यालय का विशेष अभियान पूरी ताकत से जारी है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेशभर में सघन चेकिंग की जा रही है।

महानिदेशक पुलिस (यातायात) अनिल पालीवाल और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा के सख्त सुपरविजन में की गई इस कार्रवाई की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

15 दिनों में 1.24 लाख से अधिक वाहनों के चालान

डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल ने बताया कि 4 जून से 18 जून 2026 तक के 15 दिनों के भीतर राजस्थान पुलिस ने कुल 1,24,384 वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान निम्नलिखित मामलों में चालान काटे गए:

  • अवैध ब्लैक फिल्म: 46,958 चालान (सर्वाधिक कार्रवाई)

  • नियम विरुद्ध नंबर प्लेट: 31,961 चालान

  • वाहनों पर अनाधिकृत शब्द/चिन्ह लिखना: 17,209 चालान

  • गाड़ी की बॉडी/चेसिस में अवैध बदलाव: 12,232 चालान

  • अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व हूटर: 9,271 चालान

  • प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न: 6,753 चालान

गुरुवार का एक्शन: 7,447 वाहन नपे

इस विशेष अभियान के तहत सिर्फ गुरुवार को ही प्रदेशभर में कुल 7,447 वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई। इनमें 2,577 मामलों में ब्लैक फिल्म हटाई गई, 1,813 मामलों में गलत नंबर प्लेट, 1,173 मामलों में अनाधिकृत शब्द, 849 मामलों में गाड़ी के ढांचे में बदलाव, 603 मामलों में अवैध बत्ती/हूटर तथा 432 मामलों में प्रेशर हॉर्न के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।

दौसा और जयपुर में सबसे ज्यादा कार्रवाई

जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अभियान के तहत दौसा जिले में सबसे ज्यादा 553 कार्रवाई दर्ज की गई। इसके बाद जयपुर पश्चिम में 534, अजमेर में 492, जयपुर यातायात (ट्रैफिक) में 369, जयपुर ग्रामीण में 353, चित्तौड़गढ़ में 347 और बांसवाड़ा में 303 वाहनों के खिलाफ एक्शन लिया गया।

सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

डीजी अनिल पालीवाल ने साफ किया है कि सड़क सुरक्षा पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और भविष्य में भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह सख्त अभियान इसी तरह जारी रहेगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध संशोधन न कराएं और नियमों का पूरी तरह पालन करें।

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