पांच दिन पहले खरीदी थी स्कॉर्पियो, हादसे में तीन लोगों की मौत से परिवार में मातम

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुर के पास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर बुधवार की देर रात एक अत्यंत भीषण और मर्मस्पर्शी सड़क हादसा पेश आया। यहाँ अत्यधिक तेज रफ्तार में आ रही एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडर को चीरते हुए लगभग चालीस फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में वाहन में सवार मां और बेटे की मौके पर ही प्राण पखेरू उड़ गए, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायलों को बेहतर चिकित्सीय सहायता के लिए वाराणसी रेफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान एक और घायल युवक ने भी दम तोड़ दिया। इस विदारक घटना से पीड़ित परिवार और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
दर्दनाक हादसे में मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत
भयावह सड़क हादसे की चपेट में आने से बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र अंतर्गत नरही गांव निवासी पचपन वर्षीय क्षमा उपाध्याय और उनके अट्ठाईस वर्षीय इकलौते पुत्र अनमोल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए लोगों को फौरन अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ से उन्हें वाराणसी के उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया गया। गुरुवार को इलाज के दौरान मृतक महिला के भांजे व मौसेरे भाई मनोज चौबे (अड़तालीस वर्ष) की भी मौत हो गई, जिससे मृतकों की कुल संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इसके अलावा अन्य घायलों में मृतका के भाई रत्नेश मिश्रा का लखनऊ के एक निजी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है, जबकि चालक रमेश वर्मा का भी उपचार किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासनिक अमले की पड़ताल तथा दुर्घटना का कारण
गाजीपुर के अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह गंभीर हादसा बुधवार की रात लगभग दस बजकर बीस मिनट पर घटित हुआ। स्कॉर्पियो गाड़ी बलिया की ओर से आ रही थी और उसमें सवार सभी लोग वाराणसी की तरफ जा रहे थे। जंगीपुर थाना प्रभारी ओम प्रकाश के अनुसार शुरुआती छानबीन से यह स्पष्ट हुआ है कि वाहन की गति बहुत अधिक थी, जिसके कारण चालक का नियंत्रण गाड़ी से छूट गया और वह डिवाइडर को तोड़ती हुई गहरी खाई में पलट गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय नागरिकों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया और विधिक प्रक्रिया पूरी की।
शादी की खुशियों के बीच छाया मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक अनमोल उपाध्याय अपने परिवार का इकलौता चिराग था और उसकी तीन माह पूर्व ही सगाई हुई थी, तथा आगामी दिसंबर माह में उसका विवाह तय था। घर में शहनाई बजने की तैयारियां चल रही थीं और परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस आकस्मिक दुर्घटना ने सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया। अनमोल अपनी बीमार मां को डॉक्टर को दिखाने के लिए वाराणसी लेकर जा रहा था, और यह सफर उनके पूरे परिवार के लिए आखिरी साबित हुआ। इस दोहरे हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और हर कोई इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध एवं गमगीन है।
