ओमशांति भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन

इन्दौर । रक्त का एक युनिट भी किसी को जीवनदान दे सकता है। हमारे खुन से किसी को नया जीवन मिले यह महान पुण्य का कार्य है। हमें हमेंशा श्रेष्ठ लक्ष्य को लेकर कार्य करना चाहिए।
उक्त विचार ओमशांति भवन के 'ज्ञान शिखर' में ओमप्रकाश भाईजी की पांचवी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर के शुभारंभ अवसर पर एम.जी.एम. मेडीकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित व्यक्त किये। इस अवसर पर इन्दौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि किसी को उसकी आवश्यकता के समय कोई वस्तु या साधन उपलब्ध करा देना दान कहलाता है। लेकिन रक्तदान महादान है यह वहीं कर सकता है जिसके अंदर मानव मात्र के प्रति परोपकार की भावना हो।
कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए सम्पूर्ण डायग्नोस्टिक सेंटर की डायरेक्टर डॉ. साधना सोड़ानी ने कहां कि हम डॉक्टर शरीर का ईलाज करते है और ब्रह्माकुमारी बहनें मन का ईलाज करती है। लोगों के जीवन से तनाव दूर कर शांति, खुशी देती है जो आज के युग की बहुत बड़ी जरूरत है। आई.एम.ए. के अध्यक्ष डॉ. सतीश जोशी ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है और उसमें भी रक्त दान करना विशेष सेवा है। 18 से 60 वर्ष की उम्र तक हर व्यक्ति यह सेवा कर सकता है।
एम.वाय. अस्पताल ब्लड़ बैंक के मैनेजर डॉ. अशोक यादव एवं विनायक नेत्रालय के वरिष्ठ नेत्र रोग विषेषज्ञ डॉ. अमित सोलंकी ने भी अपनी शुभकामनायें दी। इस अवसर में डॉ. नितिन अजमेरा एवं ब्लड़ बैंक एम.वाय. की टीम ने भी अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया। डॉ. गिरीश टावरी एवं डॉ. संगीता टावरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे एवं रक्तदान किया। ब्रह्माकुमारीज मेडीकल विंग की जोनल को-आर्डीनेटर ब्रह्माकुमारी उषा ने सभी का आभार व्यक्त किया एवं कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शिल्पा देसाई ने किया। एम.वाय. अस्पताल की टीम द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़े भाई बहनों के द्वारा लगभग 40 यूनिट ब्लड का संग्रह किया गया।
