महाराष्ट्र में कोरोना की रफ्तार से हाहाकार, पुणे और नागपुर का सबसे बुरा हाल

मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस महामारी का कहर फिर बढ़ने लगा है. राज्य के कई जिले कोविड-19 का हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं. बिगड़ते हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 8 दिनों में पूरे राज्य में 1 लाख से ज्यादा कोरोना के मरीज सामने आए हैं. यह आंकड़ा खुद महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया है. सरकार के आंकड़े के मुताबिक 7 मार्च से 14 मार्च के बीच एक लाख 2 हजार 81 कोरोना मरीज पाए गए हैं, जबकि 421 कोरोना मरीजों की मौत हुई है.
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, क्योंकि लोग लापरवाही कर रहे हैं. कोरोना नियमों की कुछ लोग लगातार अनदेखी कर रहे हैं. अभी भी अगर लोग नहीं सुधरे तो सरकार को मजबूर होकर एक्शन लेना पड़ेगा.
पुणे और नागपुर का बुरा हाल
राज्य में सबसे ज्यादा बुरा हाल पुणे का है. यहां पर राज्य के सबसे ज्यादा एक्टिव 25673 केस हैं. पिछले 24 घंटे में यहां कोरोना के 1740 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 17 मरीजों ने दम भी तोड़ दिया है. पुणे में कोरोना मरीजों की संख्या 218220 पहुंच चुकी है और अबतक 4952 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बिगड़ते हालात को देखते हुए पुणे में स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
इसके बाद नंबर आता है नागपुर का. जहां आज से 21 मार्च तक कड़क लॉकडाउन लगाया गया हैं. नागपुर में 16964 एक्टिव केसे हैं. पिछले 24 घंटे में 2200 से ज्यादा कोरोना मरीज पाए गए हैं. तीसरा नंबर मुंबई का है, जहां करीब 12535 एक्टिव केस हैं. मुंबई में पिछले 24 घंटे में 1900 से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए हैं. मुम्बई की मेयर किशोरी पेडणेकर ने बताया कि अब भी बड़ी संख्या में लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. इसके चलते लगातार मामले बढ़ रहे हैं. लोग नहीं सुधरे तो फिर से लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा सकता है.
मुंबई से सटे ठाणे का भी हाल बुरा है. जहां करीब 12332 एक्टिव कोरोना केस हैं. इसके अलावा नासिक में 7668 एक्टिव केसे हैं. लातूर जिले में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए 31 मार्च तक आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया है. बता दें कि महाराष्ट्र में अबतक कुल 2314416 कोरोना मरीज पाए जा चुके हैं, जबकि 52861 लोगों की मौत हो चुकी है.
