अमेरिका की पाबंदी के बीच TCS का भरोसा, कहा- 15 हजार नए रोजगार देंगे

मुंबई। अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया (स्थाई श्रम प्रमाणन कार्यक्रम या पीईआरएम) पर अमेरिकी सरकार द्वारा लगाई गई रोक के बाद भारतीय आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपनी आगामी रणनीति को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस अमेरिकी फैसले से उसकी स्थानीय कार्ययोजना और ग्राहकों के साथ कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
स्थानीय भर्ती और 15,000 नए रोजगार की योजना जारी
टीसीएस ने दोहराया है कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15,000 अतिरिक्त स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी देने की अपनी योजना पर पूरी तरह से कायम है। कंपनी के अनुसार, अमेरिका में उसके पास 31 कार्यालय और डिलीवरी केंद्र हैं, जहां पहले से ही बड़ी संख्या में स्थानीय पेशेवर कार्यरत हैं। टीसीएस ने अमेरिकी श्रम विभाग के किसी भी निर्देश का पूरी तरह से पालन करने की बात कही है।
बड़े असर की आशंका क्यों नहीं है?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पिछले दो वर्षों के दौरान पीईआरएम (PERM) के तहत उसके आवेदनों की संख्या बहुत कम (इकाई के अंक में) रही है। यही वजह है कि इस कार्यक्रम के अस्थायी रूप से निलंबित होने से कंपनी की मुख्य भर्ती रणनीति और क्लाइंट प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।
क्या है पीईआरएम (PERM) कार्यक्रम?
पीईआरएम अमेरिकी रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का एक मुख्य हिस्सा है। इसके माध्यम से नियोक्ताओं को यह प्रमाणित करना होता है कि किसी विदेशी नागरिक को नौकरी पर रखने से वहां के स्थानीय कर्मचारियों के वेतन, काम करने की स्थिति या रोजगार के अवसरों पर कोई असर नहीं पड़ता है। हाल ही में अमेरिकी सरकार ने कुछ जांचों के चलते कई प्रमुख आईटी कंपनियों को इस प्रक्रिया से अस्थायी रूप से निलंबित किया है।
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