भिलाई की महिला पार्षद, पति और बेटे के खिलाफ केस दर्ज, जमीन घोटाले के आरोप

दुर्ग| छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ करोड़ों रुपये के भूमि सौदे में हेराफेरी और धोखाधड़ी करने के आरोप में भिलाई नगर निगम की MIC सदस्य एवं कांग्रेस नेत्री रीता सिंह, उनके पति रमेश चंद्र सिंह और बेटे मानवचंद सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह सख्त कानूनी कार्रवाई पाटन स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) न्यायालय के विशेष आदेश के बाद उतई थाना पुलिस द्वारा की गई है। इस पूरे मामले की शिकायत रायपुर निवासी बीपी सिंह द्वारा एक निजी परिवाद के माध्यम से अदालत में दर्ज कराई गई थी।
फर्जी दस्तावेज और कूटरचित अनुबंध का आरोप
पुलिस उपाधीक्षक (CSP) सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024 में दुर्ग जिले के छांटा क्षेत्र स्थित एक गिट्टी खदान और उससे सटी करीब 25 एकड़ जमीन का कुल 4 करोड़ 50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इस पूरे सौदे में एक चेन मशीन और दो हाइवा वाहन भी शामिल किए गए थे।
शिकायतकर्ता बीपी सिंह का मुख्य आरोप है कि सौदे के वक्त आरोपियों ने यह दावा किया था कि कुल 25 एकड़ में से 13 एकड़ जमीन उनके अपने स्वामित्व की है, जबकि इसके अलावा 7 एकड़ दान की जमीन और 5 एकड़ सरकारी लीज की जमीन को भी बिना अधिकार के इस सौदे में शामिल कर लिया गया। जब दस्तावेजों की गहन छानबीन की गई, तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जमीन का सौदा करने वाले लोग वास्तव में उसके असली मालिक ही नहीं थे। आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर एक फर्जी और कूटरचित इकरारनामा तैयार किया तथा असली भू-स्वामियों की जगह अन्य लोगों के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर गलत जानकारी के आधार पर करोड़ों रुपये का यह बड़ा सौदा कर लिया।
करोड़ों के लेन-देन के बावजूद नहीं पूरी हुईं शर्तें
शिकायत के मुताबिक, इस जमीन के सौदे के एवज में कुल 4 करोड़ 39 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि बैंक चेक के माध्यम से आरोपियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। इनमें से 2 करोड़ 90 लाख रुपये मानवचंद सिंह के खाते में, 1 करोड़ रुपये रीता सिंह के खाते में तथा शेष बची हुई राशि रमेश चंद्र सिंह के बैंक खाते में जमा कराई गई थी।
पीड़ित का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम का भुगतान करने के बावजूद आरोपियों ने केवल 7 एकड़ जमीन की ही रजिस्ट्री कराई, जबकि बाकी बची हुई जमीन का नामांतरण और अनुबंध से जुड़ी अन्य जरूरी शर्तें पूरी नहीं की गईं।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
माननीय न्यायालय ने इस मामले में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र के पुख्ता सबूत पाते हुए उतई थाना पुलिस को तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने पुलिस को यह भी आदेशित किया है कि वह आगामी 15 दिनों के भीतर एफआईआर की कॉपी और इस मामले में अब तक की गई संपूर्ण कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करे। फिलहाल उतई पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन के दस्तावेजों, जमीन के असली मालिकाना हक और अन्य तमाम पहलुओं की गहराई से जाँच-पड़ताल कर रही है।
