पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंसा के बीच 73 आतंकियों के मारे जाने का दावा, 12 मजदूर लापता

इस्लामाबाद| पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों द्वारा पिछले कुछ दिनों के दौरान चलाए गए बड़े सैन्य अभियानों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है. पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा (आईएसपीआर) के दावों के अनुसार, पिछले 96 घंटों के भीतर क्वेटा, जियारत, नोश्की और टंप जिले के मंड इलाके में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों में कुल 73 आतंकवादियों को मार गिराया गया है. हालांकि, एक तरफ जहां सेना इन ऑपरेशनों को बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी ओर प्रांत के डुकी जिले में अज्ञात हमलावरों द्वारा 12 मजदूरों के अपहरण और एक सुरक्षा गार्ड की हत्या की घटना ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्वेेटा और जियारत में सुरक्षा बलों का बड़ा सैन्य अभियान
पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, बलूचिस्तान के क्वेटा और जियारत जिलों में सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई है. क्वेटा के शाबान इलाके में चले अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई ठिकानों को ध्वस्त करते हुए 33 आतंकवादियों को ढेर करने का दावा किया है, जहां से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं. इसके अलावा, जियारत क्षेत्र में 21 सितंबर से शुरू हुई तेज कार्रवाई के बाद 23 अन्य आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.
नोश्की और मंड इलाकों में कार्रवाई तथा प्रतिबंधित संगठन
सेना के अनुसार, नोश्की जिले में शुक्रवार को चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशनों में 11 आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि टंप जिले के मंड इलाके में छह आतंकवादी ढेर किए गए और वहां से भी युद्धक सामग्री बरामद की गई. पाकिस्तानी सेना ने इन सभी मारे गए उग्रवादियों को उस समूह से जोड़ा है जिसे वे ‘फितना अल खवारिज’ यानी प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) बताते हैं. इस बीच, सेना ने अफगान तालिबान सरकार पर पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप भी लगाया है, जिस पर अफगानिस्तान की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
डुकी जिले में निर्माण स्थल पर हमला और मजदूरों का अपहरण
एक तरफ जहां सेना आतंकियों के सफाए का दावा कर रही है, वहीं बलूचिस्तान के डुकी जिले में हुई एक अन्य हिंसक घटना ने चिंताएं बढ़ा दी हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पलारी इलाके में एक निर्माण स्थल पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने धावा बोलकर वहां काम कर रहे 12 मजदूरों को अगवा कर लिया. इस दौरान जब एक तैनात सुरक्षा गार्ड ने हमलावरों का विरोध करने की कोशिश की, तो उन्होंने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और दो अन्य गार्डों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है.
राष्ट्रपति जरदारी की सराहना और बलूचिस्तान का हिंसा का इतिहास
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सुरक्षा बलों की इन कार्रवाइयों की खुलकर सराहना की है और इसे बलूचिस्तान से आतंकवाद के खाए की दिशा में एक बड़ी सफलता करार दिया है. गौरतलब है कि अफगानिस्तान की सीमा से सटा बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी और उग्रवादी संगठनों की हिंसा का केंद्र रहा है, जहां आए दिन खदानों, निर्माण स्थलों और बाहरी प्रांतों के मजदूरों को निशाना बनाया जाता है. सेना के दावों के बावजूद प्रांत में अपहरण और हिंसक वारदातों का सिलसिला लगातार जारी है.
