‘3 इडियट्स’ बयान पर आमिर खान को कांग्रेस की नसीहत, सोनम वांगचुक विवाद ने पकड़ा तूल

महाराष्ट्र। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता आमिर खान द्वारा ब्लॉकबस्टर फिल्म '3 इडियट्स' में निभाए गए अपने मशहूर किरदार 'फुंसुख वांगडू' को लेकर एक बड़ा स्पष्टीकरण दिया गया है। आमिर खान ने साफ किया है कि फिल्म में उनका यह किरदार लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के जीवन पर बिल्कुल भी आधारित नहीं था। अभिनेता के इस बयान के बाद अब इस पूरे मामले पर राजनीतिक गलियारों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं, जिससे इस विषय ने नया तूल पकड़ लिया है।
कांग्रेस ने आमिर खान को दी नसीहत
आमिर खान के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से बेहद सख्त और सीधी प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने अभिनेता को आड़े हाथों लेते हुए नसीहत दी है कि कलाकारों को सामाजिक सरोकारों से पीछे नहीं हटना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि आमिर खान ने फिल्म में एक बेहद प्रेरणादायक भूमिका निभाई थी जिसे जनता ने खूब पसंद किया, ऐसे में उन्हें खुलकर सोनम वांगचुक का समर्थन करना चाहिए था। उन्होंने आमिर खान की तुलना अन्य बेबाक कलाकारों से करते हुए कहा कि फिल्मी सितारों को बिना किसी डर के सच का साथ देना चाहिए।
फिल्म के मुख्य किरदार पर आमिर की सफाई
अभिनेता आमिर खान ने फिल्म '3 इडियट्स' के निर्माण के समय की परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक गलत धारणा है कि उनका अभिनय सोनम वांगचुक से प्रेरित था। उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि जब वे इस फिल्म की शूटिंग और तैयारी कर रहे थे, तब न तो उन्हें, न ही निर्देशक राजकुमार हिरानी को और न ही फिल्म के लेखक अभिजात जोशी को सोनम वांगचुक के बारे में कोई जानकारी थी। यह पूरी तरह से एक काल्पनिक किरदार था जिसे पटकथा के अनुसार तैयार किया गया था, हालांकि वे वांगचुक के कार्यों का बेहद सम्मान करते हैं।
अनशनकारी वांगचुक की सेहत पर जताई चिंता
किरदार को लेकर उपजे विवाद को खारिज करने के साथ ही आमिर खान ने लद्दाख की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अभिनेता ने सार्वजनिक रूप से वांगचुक से अपना आमरण अनशन समाप्त करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि देश का एक बड़ा वर्ग उनके गिरते स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वांगचुक जल्द ही अपना उपवास खत्म करेंगे और अपने जीवन तथा स्वास्थ्य की रक्षा को प्राथमिकता देंगे क्योंकि देश को उनके जैसे दूरदर्शी व्यक्ति की अत्यंत आवश्यकता है।
जंतर-मंतर पर अनशन का बीसवां दिन
दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर अड़े सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन उपवास अब बेहद संवेदनशील चरण में पहुंच चुका है। उनके इस कठिन अनशन का आज 20वां दिन है और मौके पर तैनात डॉक्टरों की टीम ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से भूखे रहने के कारण उनका शरीर अब गंभीर स्थिति में पहुंच रहा है। इसके बावजूद वांगचुक ने दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा है कि वे अपनी आखिरी सांस तक संघर्ष जारी रखेंगे, जबकि दूसरी ओर जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन भी लगातार कई दिनों से जारी है।
