मंदिर से प्रतिमाएं हटते ही भड़का विवाद, लोगों ने दोबारा स्थापित कीं मूर्तियां

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के पुराने भोपाल इलाके के घोड़ा नक्कास में स्थित कमाली मंदिर में गुरुवार को अचानक भारी विवाद खड़ा हो गया। विवाद तब शुरू हुआ जब लोगों के बीच यह खबर फैल गई कि मंदिर से पुरानी और ऐतिहासिक मूर्तियों को हटा दिया गया है। जैसे ही यह बात आसपास फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता विरोध जताने के लिए मंदिर परिसर में जमा हो गए।
प्रतिमाओं को फिर मूल स्थान पर कराया स्थापित
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि मंदिर परिसर में एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी चल रही है, जिसके चक्कर में इन प्राचीन मूर्तियों को रात के अंधेरे में चुपचाप उनके असली स्थान से हटाकर दूसरी जगह रख दिया गया। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं और गुस्सा बढ़ता देख हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और समाज के अन्य बड़े लोग मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप और समझाइश के बाद मूर्तियों को वापस उनके पुराने स्थान पर ही स्थापित करवाया गया।
ऐतिहासिक जमीन पर निर्माण का आरोप
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस कमाली मंदिर का इतिहास बहुत पुराना और खास है। उनका कहना है कि नवाबों के जमाने में कमाली बाबा को उतनी जमीन दान में दी गई थी, जितनी दूर तक शंख की आवाज सुनाई दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की इस पवित्र और ऐतिहासिक जमीन पर पहले से ही दुकानें और व्यापारिक काम चल रहे हैं और अब वहां एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खड़ा करने की साजिश की जा रही है।
भव्य मंदिर निर्माण का दावा अधूरा
हंगामा कर रहे लोगों का कहना है कि मंदिर प्रबंधन ने बहुत साल पहले वादा किया था कि वे लाल पत्थरों से यहां एक बहुत ही सुंदर और भव्य मंदिर बनाएंगे। लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी मंदिर बनाने का कोई काम शुरू नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंदिर का विकास करने के बजाय वहां सिर्फ व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसलिए उन्होंने मांग की है कि मंदिर की पुरानी धार्मिक व्यवस्था को वैसे ही बहाल रखा जाए।
