खुले कमरे में भड़की आग से मचा हड़कंप, घर में हर तरफ फैल गया धुआं

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाले दादरी के ब्रह्मपुरी गेट के पास शनिवार की सुबह एक आवासीय मकान की तीसरी मंजिल पर बने खुले कमरे में अचानक भीषण आग भड़क उठी। रिहायशी इलाके में धुएं का गुबार और लपटें उठती देख पूरे क्षेत्र में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की तत्काल जानकारी दिए जाने के बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है।
कबाड़ और ज्वलनशील सामान के कारण तेजी से फैली लपटें
अग्निशमन नियंत्रण कक्ष को सुबह लगभग 7:24 बजे ब्रह्मपुरी गेट इलाके में आगजनी की इस घटना की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद दादरी फायर सर्विस यूनिट को घटना स्थल की ओर रवाना किया गया। जब राहत दल मौके पर पहुंचा, तो पाया कि तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में जमा पुराना वेस्टेज स्क्रैप, लकड़ी का पुराना फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियां रखी होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। सूखी और अनुपयोगी वस्तुओं की मौजूदगी ने ईंधन का काम किया, जिससे लपटें तेजी से फैलने लगी थीं।
दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और शीतलीकरण प्रक्रिया
चीफ फायर ऑफिसर (सीएफओ) प्रदीप चौबे के मुताबिक, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मोर्चा संभाला और आधुनिक उपकरणों की मदद से पानी की बौछारें शुरू कर दीं। फायर फाइटर्स की सूझबूझ से आग को अन्य मंजिलों या आस-पड़ोस के घरों में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। इसके पश्चात, पूरे प्रभावित हिस्से का सघन शीतलीकरण (कूलिंग ऑपरेशन) किया गया ताकि मलबे के नीचे दबी किसी चिंगारी से दोबारा आग सुलगने की कोई आशंका न रहे।
शॉर्ट सर्किट का अंदेशा और हादसे के कारणों की गहन जांच
शुरुआती तौर पर आग लगने की इस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ होगा। फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें आगजनी की सही वजहों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हुई हैं। सबसे बड़ी राहत और सुकून की बात यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय उस खुले कमरे के भीतर कोई भी इंसान मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी प्रकार की जनहानि दर्ज नहीं हुई।
