दिल्ली-ऋषिकेश सफर होगा सुपरफास्ट, नमो भारत ट्रेन से दूरी सिमटेगी

नई दिल्ली | दिल्ली, मेरठ, हरिद्वार और ऋषिकेश के मध्य द्रुत गति से रेल सफर का आनंद लेने का आम जनता का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर संचालित होने वाली 'नमो भारत' ट्रेन कॉरिडोर को अब उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की योजना पर एक बड़ा व सकारात्मक अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड सरकार ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस बेहद महत्वपूर्ण रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए आवश्यक तकनीकी सर्वेक्षण को बहुत जल्द हरी झंडी दिखा दी जाएगी।

एनसीआरटीसी का रिमाइंडर और उत्तर प्रदेश की पूर्व स्वीकृति

इस महत्वाकांक्षी रेल विस्तार परियोजना को रफ्तार देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने उत्तराखंड प्रशासन को एक स्मरण पत्र प्रेषित किया था, जिस पर राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सकारात्मक रुख अपनाया है। अधिकारियों के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश सरकार इस विस्तृत डीपीआर सर्वे के लिए अपनी लिखित सहमति काफी पहले ही दे चुकी है। जैसे ही उत्तराखंड सरकार से यह औपचारिक प्रशासनिक अनुमति प्राप्त होगी, एनसीआरटीसी की विशेषज्ञ टीमें पूरे प्रस्तावित रूट का तकनीकी, भौगोलिक और व्यावहारिक व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) सर्वेक्षण युद्धस्तर पर शुरू कर देंगी।

मेरठ से आगे 150 किलोमीटर लंबा होगा नया हाई-स्पीड नेटवर्क

शुरुआती ब्लूप्रिंट के अनुसार, नमो भारत कॉरिडोर का विस्तार मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से आगे सीधे हरिद्वार और ऋषिकेश तक किया जाएगा। इस नए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर तय की गई है, जिसमें से करीब 72 किलोमीटर का ट्रैक उत्तर प्रदेश की सीमा में और शेष 78 किलोमीटर का हिस्सा उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत निर्मित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गाजियाबाद और मेरठ होते हुए दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी और रुड़की जैसे प्रमुख व्यावसायिक व आवासीय नगरों को आपस में जोड़ेगा, जिससे रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को बड़ी सहूलियत होगी।

साढ़े पांच घंटे का सफर महज ढाई घंटे में और मुख्यमंत्री धामी के प्रयास

हरिद्वार और ऋषिकेश वैश्विक स्तर पर देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्रों में शुमार हैं, जहां वर्ष भर करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा रहता है। वर्तमान में सड़क मार्ग से दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचने में अमूमन 5 से 6 घंटे का लंबा समय लगता है, जो वीकेंड पर जाम के कारण और अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली नमो भारत ट्रेन के चालू होने के बाद यह दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी हो जाएगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस कॉरिडोर के विस्तार के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लगातार पैरवी कर रहे थे। शुरुआती अनुमानों के तहत दिल्ली से ऋषिकेश तक का साधारण श्रेणी का किराया 450 से 520 रुपये तथा प्रीमियम श्रेणी का किराया 900 से 1000 रुपये के बीच रहने की संभावना है, जिससे पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी।

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