गैस लीकेज बना काल: पुणे में सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका, मलबे में तब्दील हुआ मकान, 3 की गई जान

पुणे | महाराष्ट्र के पुणे शहर स्थित खांदवे नगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक रिहायशी इमारत में एलपीजी सिलेंडर से गैस रिसाव के बाद हुए भयानक विस्फोट में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। हादसे के वक्त आग की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि गंभीर रूप से झुलसे दो अन्य सदस्यों को उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया था, जहां शनिवार को इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। धमाका इतना भीषण था कि फ्लैट का मुख्य कमरा (हॉल) पूरी तरह जलकर खाक हो गया और पूरे मकान को भारी क्षति पहुंची है।
नया सिलेंडर बदलते समय रिसाव और दमकल की कार्रवाई
प्राथमिक जांच के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब घर में पुराना गैस सिलेंडर समाप्त होने पर नया सिलेंडर बदला जा रहा था। इसी दौरान नियामक (रेगुलेटर) लगाने के दौरान गैस का तेजी से रिसाव हुआ और वह पूरे मकान में फैल गई, जिसके बाद हुए जोरदार धमाके ने विकराल आग का रूप ले लिया। शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे इस घटना की जानकारी मिलते ही खराड़ी, धानोरी और येरवडा अग्निशमन केंद्रों से दमकल की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए पानी की बौछारें कर आग पर काबू पाया और इसे आसपास के अन्य घरों में फैलने से रोक लिया।
झुलसने से एक ही परिवार के तीन लोगों ने गंवाई जान
बचाव दल जब ग्राउंड प्लस वन मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर स्थित इस फ्लैट में दाखिल हुआ, तब तक आग सब कुछ अपनी चपेट में ले चुकी थी। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ से आग पर नियंत्रण पाया और झुलसे हुए लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इस दुखद हादसे में 60 वर्षीय विष्णु गीते, 50 वर्षीय रुंदीवनिका गीते और उनके 35 वर्षीय पुत्र पांडुरंग गीते गंभीर रूप से झुलस गए थे। पांडुरंग की मृत्यु घटनास्थल के समीप ही हो गई थी, जबकि उनके बुजुर्ग माता-पिता विष्णु गीते और रुंदीवनिका गीते ने अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।
विस्फोट से घरेलू सामान और संपत्ति को भारी नुकसान
गैस के इस प्राणघातक रिसाव के बाद हुए धमाके से घर के भीतर मौजूद संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है। आग की तेज लपटों में फ्लैट का हॉल, कीमती फर्नीचर, टेलीविजन और बिजली की पूरी वायरिंग जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा, मकान के स्नानघर और शौचालय के दरवाजे तथा वहां लगा गीजर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। रसोई घर में रखा रेफ्रिजरेटर और अन्य आवश्यक सामान भी इस हादसे की भेंट चढ़ गया, जबकि हर तरफ फैले अत्यधिक धुएं के कारण पूरे फ्लैट की दीवारें काली पड़ गई हैं।
