नीट विवाद पर सरकार को घेरा: संजय राउत बोले- ‘अन्ना हजारे को रालेगण सिद्धि से दिल्ली आकर कॉकरोच जनता पार्टी के युवाओं को देना चाहिए आशीर्वाद’

मुंबई | राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर महाराष्ट्र में भी सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत द्वारा मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाए जाने के बाद, इस पूरे रैकेट के तार महाराष्ट्र से जुड़ने को लेकर राज्य के युवाओं और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश है। जंतर-मंतर पर शुरू हुए छात्र आंदोलन की गूंज अब मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों तक पहुंच चुकी है, जहां स्थानीय छात्र संगठन भी इस लड़ाई में कूद पड़े हैं।

महाराष्ट्र के कनेक्शन पर सीबीआई की जांच और लेन-देन

विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष जांच एजेंसी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क का एक बड़ा केंद्र महाराष्ट्र का पुणे शहर बनकर उभरा है। जांच में सामने आया है कि पुणे निवासी धनंजय लोखंडे ने इस रैकेट में मुख्य भूमिका निभाते हुए मनीषा वाघमारे नामक महिला से नीट-यूजी 2026 की परीक्षा सामग्री प्राप्त की थी, जिसे बाद में आगे वितरित किया गया। सीबीआई ने अदालत को बताया कि बैंक खातों के रिकॉर्ड और राज्य के कई छात्रों व बिचौलियों के बयानों से यह साफ संकेत मिले हैं कि इस परीक्षा सामग्री और लीक प्रश्नपत्र को ऊंचे दामों पर बेचने के लिए लाखों रुपये का अवैध लेन-देन महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में किया गया था।

विपक्ष का हमला और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

इस बड़े खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि महाराष्ट्र के हजारों होनहार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे और अन्य शहरों से जुड़े इस शिक्षा घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। राउत ने महाराष्ट्र के युवाओं से इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है और कहा है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता नहीं आती, तब तक राज्य का युवा शांत नहीं बैठेगा।

पुनर्परीक्षा को लेकर राज्य के 2 लाख से अधिक छात्रों में असमंजस

उल्लेखनीय है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी 2026 की इस परीक्षा में अकेले महाराष्ट्र से 2 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। पेपर लीक के साक्ष्य सामने आने और परीक्षा रद्द होने के बाद से राज्य के छात्रों और उनके अभिभावकों में मानसिक तनाव और अनिश्चितता का माहौल है। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा आगामी 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। महाराष्ट्र के प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर इस बार विशेष उड़नदस्तों और कड़े सुरक्षा इंतजामों के तहत परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी किसी धांधली को रोका जा सके।

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