पदभार संभालते ही एक्शन में हर्ष मल्होत्रा: बोले- सरकार के साथ मजबूत समन्वय, दिल्ली की जनता के हित सर्वोपरि

नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा के सामने राजधानी में संगठन को नई ऊर्जा देने से लेकर आगामी निगम चुनावों में जीत दर्ज करने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां हैं। दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के बाद अब कार्यकर्ताओं की सक्रियता, विपक्ष के हमलों का जवाब और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना उनके मुख्य एजेंडे में शामिल है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने संगठनात्मक प्राथमिकताओं, भावी चुनावी रणनीतियों और सरकार व संगठन के बीच के आपसी अंतर्संबंधों पर बेबाकी से अपने विचार साझा किए।


सत्ता और संगठन में है अटूट तालमेल, समन्वय में कोई कमी नहीं

दिल्ली में लगभग सत्ताईस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भाजपा की सरकार बनने पर जब उनसे सत्ता और संगठन के आपसी तालमेल को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर समन्वय की व्यवस्था हमेशा से बेहद सुदृढ़ रही है। पिछले सवा साल के कार्यकाल के दौरान भी सरकार और संगठन ने एक बेहतरीन टीम की तरह काम किया है। सांसद और केंद्रीय मंत्री होने के नाते वे स्वयं भी संगठन के हर छोटे-बड़े कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा में सरकार और संगठन के बीच किसी भी प्रकार की कोई दूरी या विरोधाभास नहीं है, बल्कि दोनों एक-दूसरे के पूरक के रूप में जनता के हित में कार्यरत हैं।

2027 के नगर निगम चुनावों के लिए भाजपा की सेना पूरी तरह तैयार

वर्ष 2027 के आखिर में होने वाले दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों की तैयारियों का खाका खींचते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो छात्र केवल परीक्षा के दिनों में पढ़ाई करते हैं, वे कभी अव्वल नहीं आते। भाजपा एक ऐसी अनुशासित पार्टी है जिसकी चुनावी और सामाजिक तैयारियां साल के बारह महीने निरंतर चलती रहती हैं। आगामी निगम चुनावों के मद्देनजर मंडल और जिला स्तर पर संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। पार्टी की असली पूंजी उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो केवल चुनावों के दौरान ही नहीं बल्कि सामान्य दिनों में भी चाय बैठकों, टिफिन मुलाकातों और 'मन की बात' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हर बूथ पर जनता के साथ सीधा संवाद बनाए रखते हैं।

कार्यकर्ताओं की फौज को काम की गारंटी और विपक्ष की घेराबंदी

पार्टी के भीतर पदों और जिम्मेदारियों की चाह रखने वाले नेताओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में योग्यताओं के आधार पर काम का बंटवारा शीर्ष नेतृत्व द्वारा तय किया जाता है। दिल्ली के करीब 12 हजार बूथों पर पार्टी की मजबूत समितियां सक्रिय हैं, जहां हर एक कार्यकर्ता की भूमिका पहले से निर्धारित है। विपक्ष की चुनौतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पास कोई प्रभावी और स्पष्ट नेतृत्व नहीं है। पंजाब जैसे राज्यों में विपक्षी दल पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। भाजपा बिना किसी अति-आत्मविश्वास के रोजाना अपने बूथ को मजबूत कर रही है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, जिला व मोर्चा स्तर के सांगठनिक ढांचे को जल्द पूरा करना और जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को निभाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।

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