छतरपुर में खौफनाक घटना, मासूमों से भरे ऑटो में बिजली का करंट फैलने से मचा हड़कंप

छतरपुर| मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले राजनगर क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। सीएम राइज स्कूल के बच्चों को लेकर जा रहा एक ऑटो रास्ते में अचानक नीचे लटक रहे बिजली के हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। तार के सीधे संपर्क में आते ही ऑटो में जोरदार करंट दौड़ गया, जिससे उसमें बैठे मासूम बच्चों को बिजली के झटके लगे। इस घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई, लेकिन आसपास मौजूद सतर्क स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अस्पताल में कराया गया बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के घबराए हुए परिजन तुरंत मौके पर पहुँचे और घायल बच्चों को फौरन इलाज के लिए राजनगर के स्थानीय अस्पताल ले गए। शुरुआती चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, चार बच्चों के हाथों पर करंट लगने के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। हालांकि, समय रहते ऑटो के रुक जाने और स्थानीय नागरिकों की मुस्तैदी के कारण एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
पाय गांव के पास हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह ऑटो रोज की तरह नियमित रूप से बच्चों को बैठाकर सीएम राइज स्कूल जा रहा था। जैसे ही वाहन पाय गांव के पास पहुँचा, वैसे ही रास्ते में नीचे झूल रहे बिजली के खुले तार से उसका संपर्क हो गया। तार में प्रवाहित करंट के कारण ऑटो में बैठे बच्चों को तेज झटके महसूस हुए, जिससे बच्चे सहम गए और घबरा गए।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत बिजली की लाइन से उचित दूरी बनाते हुए बच्चों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर बच्चों को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। गनीमत यह रही कि फिलहाल सभी बच्चों की हालत पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप—पहले ही दी गई थी टूटे तार की सूचना
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पाय गांव में बिजली का यह तार काफी समय से टूटकर नीचे लटक रहा था, जिसकी शिकायत पहले ही स्थानीय बिजली विभाग को दी जा चुकी थी। लोगों का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें करने के बावजूद विद्युत विभाग के कर्मचारियों या अधिकारियों ने समय पर इसकी सुध नहीं ली और न ही कोई मरम्मत कराई। ग्रामीणों का मानना है कि विभाग की इसी लचर कार्यशैली और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। यदि समय रहते विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई कर दी जाती, तो मासूम बच्चों की जान इस तरह जोखिम में नहीं पड़ती।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस दुर्घटना के सामने आने के बाद बिजली विभाग की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक और रिहायशी इलाकों में टूटे हुए बिजली के तारों का लंबे समय तक खुले पड़े रहना किसी भी वक्त किसी बड़े जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय रहते उचित कदम न उठाया जाना बेहद लापरवाही पूर्ण रवैये को दर्शाता है। नागरिकों का साफ तौर पर कहना है कि स्कूली बच्चों की जान को जोखिम में डालने वाली इस तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
आक्रोशित अभिभावक पहुँचे बिजली कार्यालय
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में गुस्से से लाल अभिभावक सीधे बिजली विभाग के कार्यालय जा पहुँचे और संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिम्मेदार जूनियर इंजीनियर और अन्य कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा पूरे क्षेत्र की जर्जर बिजली लाइनों की तत्काल प्रभाव से जांच कराने की मांग उठाई है। अभिभावकों का यह भी कहना है कि सुबह-शाम स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और बिजली विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
प्रशासन और विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी सबकी नजरें
इस पूरी घटना के बाद अब स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्र के सभी लोगों की पैनी नजर बनी हुई है। स्थानीय नागरिक इस उम्मीद में हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर विभागीय अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि समय रहते बड़ा हादसा टल गया और सभी बच्चे सुरक्षित अपने घर लौट आए। लेकिन इस घटना ने पूरे सिस्टम को यह चेतावनी जरूर दे दी है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई करना कितना अनिवार्य है। अब जनता यही चाहती है कि इस घटना से सबक लेकर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त और सुरक्षित बनाया जाए।
