IAS आलोक शुक्ला को मिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का प्रभार, मूणत बोले- कभी इनकी गिरफ्तारी के लिए चिट्‌ठी लिखते थे कांग्रेसी

छत्तीसगढ़ की IAS अफसर रेणु जी पिल्ले पारिवारिक कारणों से 15 दिनों की छुट्‌टी पर हैं। अब उनकी जगह डॉ आलोक शुक्ला को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस आदेश के जारी होती ही, भारतीय जनता पार्टी ने करारा सियासी तर सरकार के बड़े चेहरों की तरफ छोड़ा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला को प्रभार देने के आदेश को राज्य सरकार के दोहरे चरित्र का परिचायक बताया है।

जिसकी शिकायत उसे ही कर रहे उपकृत
पूर्व मंत्री मूणत ने कहा कि प्रदेश में विपक्ष रहते हुए तब के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव को डॉ. शुक्ला से काफी शिकायतें थीं, आज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर टीएस सिंहदेव और प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग उन्हें लगातार एक के बाद एक अहम ज़िम्मेदारियाँ सौंपकर उपकृत और पुरस्कृत कर रहा है। मूणत ने एक पुरानी चिट्‌ठी का जिक्र करते हुए कहा कि सिंहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 12 अप्रैल, 2017 को पत्र लिखा था।

तब नान घोटाले के उजागर होने के बाद दो आईएएस अफ़सरों की गिरफ़्तारी और उनके ठिकानों में छापेमारी नहीं होने शिकायत की थी। उस चिट्ठी में तब नान के अधिकारी रहे डॉ शुक्ला का भी नाम था। मूणत ने कहा कि मुझे हैरानी है कि विपक्ष में रहते हुए जिस अफसर पर कार्रवाई और गिरफ़्तारी की मांग हो रही थी आज उसे ही अहम पद दिए जा रहे।

इस वजह से विवाद
IAS अफसर डॉ आलोक शुक्ला पेशे से डॉक्टर रह चुके हैं। फरवरी 2015 में नागरिक खाद्य आपुर्ति निगम में आर्थिक अनियमित्ता का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में आलोक शुक्ला और IAS अनिल टुटेजा भी आरोपी बनाए गए हैं। उस वक्त शुक्ला खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव और टूटेजा नान के एमडी थे। उस वक्त प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और इन अफसरों को लेकर अक्सर कांग्रेस सवाल उठाती रही थी। फिलहाल मामला कोर्ट में है।

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