Juniper Green Energy IPO की शानदार एंट्री, इश्यू प्राइस से ऊपर ₹245 पर हुई लिस्टिंग

मुंबई: रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में काम करने वाली Juniper Green Energy के शेयरों ने घरेलू शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की है। कंपनी के आईपीओ में शेयर ₹225 के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे। लिस्टिंग के दिन कंपनी का शेयर BSE पर ₹242 और NSE पर ₹245 के स्तर पर खुला। इस तरह आईपीओ में निवेश करने वालों को शुरुआती कारोबार में करीब 9 फीसदी का लिस्टिंग लाभ मिला।
हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ गिरावट देखने को मिली और शुरुआती तेजी कमजोर पड़ गई। इसके बावजूद आईपीओ निवेशक मुनाफे में बने रहे। वहीं कंपनी के कर्मचारियों को मिले रियायती शेयरों के कारण उन्हें ज्यादा फायदा हुआ।
1800 करोड़ रुपये के आईपीओ को मिला 8.38 गुना सब्सक्रिप्शन
Juniper Green Energy का 1800 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 जुलाई से 3 अगस्त तक निवेश के लिए खुला था। इस इश्यू को निवेशकों की ओर से कुल 8.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। संस्थागत निवेशकों ने आईपीओ में सबसे ज्यादा रुचि दिखाई, जबकि खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो पाया।
आईपीओ के तहत कंपनी ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले नए शेयर जारी किए हैं। इससे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने, सहायक कंपनियों में निवेश और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मजबूत मौजूदगी
Juniper Green Energy देश की प्रमुख इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर कंपनियों में शामिल है। कंपनी सोलर, विंड, विंड-सोलर हाइब्रिड, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।
कंपनी सरकारी और अन्य संस्थानों के साथ लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट के जरिए अपना कारोबार संचालित करती है। कंपनी का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो हजारों मेगावाट की क्षमता वाला है, जिसमें चालू, निर्माणाधीन और भविष्य की परियोजनाएं शामिल हैं।
आय में बढ़ोतरी, लेकिन कर्ज बना बड़ी चुनौती
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में इसकी कुल आय में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी की आय में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। हालांकि मुनाफे में उतार-चढ़ाव रहा और इसमें बीच में गिरावट भी दर्ज की गई।
मार्च 2026 के अंत तक कंपनी पर करीब ₹12,920 करोड़ का कुल कर्ज था, जबकि रिजर्व और सरप्लस की राशि भी मौजूद थी। अब निवेशकों की नजर कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं और रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में प्रदर्शन पर रहेगी।
