काशी विश्वनाथ के पास मौजूद ढांचे पर केशव मौर्य का बड़ा बयान, कहा- समय आने दीजिए

वाराणसी: काशी हिंदू धर्म की आस्था का एक ऐसा अटूट केंद्र है, जहां का इतिहास और वर्तमान हमेशा से चर्चा में रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक और धार्मिक राष्ट्रवाद को लेकर कई बड़े और स्पष्ट बयान दिए हैं। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रधानों के 'पंच सम्मेलन' में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण तो अब भव्य रूप से पूरा हो चुका है, लेकिन मंदिर के ठीक बगल में जो एक विवादित ढांचा खड़ा है, उसका मामला इस समय अदालत के विचाराधीन है। उन्होंने सनातन मूल्यों 'सत्यम, शिवम, सुंदरम' का उद्घोष करते हुए दृढ़ता से कहा कि चूंकि परम सत्य हमारे पक्ष में है, इसलिए अंततः न्यायपालिका का फैसला भी हमारे ही पक्ष में आएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अयोध्या की तरह ही बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी आने वाले समय में बेहद भव्य रूप धारण करेगा।

अखिलेश यादव पर तीखा हमला, कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद पर रुख स्पष्ट करने की चुनौती

डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सियासी तीखे बाण चलाते हुए कहा कि सपा प्रमुख आजकल राजनीतिक रूप से बहुत 'टिपिर-टिपिर' यानी बयानबाजी करते रहते हैं। मौर्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव केवल वोट बैंक के लालच में रामभक्त होने का झूठा स्वांग और दिखावा कर रहे हैं, लेकिन वे कभी भी सच्चे मन से कृष्ण भक्त बनने का साहस नहीं दिखा पाते।

उन्होंने सपा प्रमुख को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें वाकई में एक विशेष समुदाय के मुस्लिम वोट बैंक का मोह नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से यह बयान दें कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के मूल मंदिर को तोड़कर जो ईदगाह बनाई गई थी, उसे वहां से तुरंत हटाया जाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब तक वे ऐसा नहीं कहते, तब तक उनका यह भक्ति प्रेम केवल एक छलावा है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि अदालत के कानूनी फैसलों के आने के बाद काशी और मथुरा, दोनों ही पावन स्थलों पर भव्य और दिव्य मंदिरों का निर्माण सुनिश्चित होगा।

पुरानी नरेगा योजना में थी भारी धांधली, नई व्यवस्था से हो रहा है पंचायतों का बुनियादी विकास

  • पैसे की बंदरबांट पर रोक: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण विकास की चर्चा करते हुए पिछली सरकारों की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती शासनकाल में चलाई जा रही पुरानी नरेगा (NREGA) योजना केवल भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे की बंदरबांट का एक बड़ा जरिया बनकर रह गई थी, जिससे गांवों का वास्तविक विकास नहीं हो सका।

  • विकसित पंचायत का खाका: उन्होंने प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की विकास नीतियों के माध्यम से गांवों के पूरे स्वरूप को बुनियादी स्तर पर बदला जा रहा है। अब विकसित पंचायत के लक्ष्य को सामने रखकर जमीनी काम हो रहे हैं।

  • दवाई, कमाई और पढ़ाई की चिंता: इस नई कार्ययोजना के अंतर्गत ग्रामीण नागरिकों के भविष्य की तीन मुख्य चिंताओं— स्वास्थ्य (दवाई), रोजगार (कमाई) और शिक्षा (पढ़ाई) को प्राथमिकता के साथ शामिल किया गया है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 'पीएम गतिशक्ति' (PM Gatishakti) के मानकों को लागू किया गया है, जिससे विकास कार्यों में होने वाली बार-बार की डुप्लीकेसी (एक ही काम को बार-बार दिखाना) को पूरी तरह से रोक दिया गया है।

संसद में विपक्ष का सांकेतिक विरोध और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति

  • संसदीय प्रस्तावों का सच: विकसित भारत और मजबूत ग्रामीण कानूनों को बनाने के लिए जब केंद्र सरकार द्वारा संसद के पटल पर ऐतिहासिक प्रस्ताव रखे गए, तो विपक्ष ने शुरू में राजनीतिक द्वेष के चलते उनका कड़ा विरोध किया था। लेकिन जब विपक्षी नेताओं को इन कानूनों के वास्तविक और दूरगामी लोक-कल्याणकारी उद्देश्यों का पता चला, तो वे बैकफुट पर आ गए और उनका विरोध केवल एक सांकेतिक नाटक बनकर रह गया।

  • गरीबी उन्मूलन और पीएम आवास: उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार के नीतिगत प्रयासों के कारण ही देश के 25 करोड़ से भी अधिक नागरिकों को गरीबी रेखा से सम्मानपूर्वक ऊपर उठाया गया है। वर्तमान शासनकाल में जितने बड़े पैमाने पर 'पीएम आवास' (PM Awas) बनाकर गरीबों को पक्के मकान दिए गए हैं, उतने देश के इतिहास में पिछली किसी भी सरकार ने कभी नहीं दिए। उन्होंने पंचायती राज के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे धरातल पर इतना उत्कृष्ट कार्य करें कि ग्रामीण जनता के बीच उनका प्रभाव और सम्मान सर्वोच्च हो जाए।

बिना विकसित उत्तर प्रदेश के 'विकसित भारत' की कल्पना अधूरी: केशव प्रसाद मौर्य

वाराणसी: उपमुख्यमंत्री ने वाराणसी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रदेश कैबिनेट द्वारा एलिवेटेड सड़कों के निर्माण को दी गई मंजूरी और इसके लिए 25 हजार करोड़ रुपये की विशाल धनराशि आवंटित होने पर सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को 'विकसित भारत' बनाने का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश पूरी तरह से विकसित और समृद्ध होगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि आज राज्य से अपराधी और गुंडे या तो जेल में हैं या उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। आज पूरा देश नक्सलवाद की समस्या से लगभग मुक्त हो चुका है और समाज के सबसे पिछड़े व गरीब तबके के साथ होने वाले हर अन्याय को पूरी ताकत से रोका गया है।

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