‘कमाई कम, महंगाई ज्यादा…’: दिल्ली में ऑटो चालकों से मिले राहुल गांधी, वर्दी पहनकर सुना उनका दुख-दर्द

नई दिल्ली | कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को देश की राजधानी में एक अलग अंदाज में नजर आए, जब वे अचानक ऑटो चालकों के बीच पहुंचे और उनके साथ जमीन पर बैठकर दोपहर का भोजन किया। बंगाली मार्केट के समीप टोडरमल मार्ग पर स्थित एक सार्वजनिक पार्क में उन्होंने करीब आधा घंटा बिताया। इस दौरान राहुल गांधी ने न केवल चालकों से बेहद अनौपचारिक माहौल में संवाद किया, बल्कि वे स्वयं भी ऑटो चालक की खाकी वर्दी पहने नजर आए, जो वहां मौजूद लोगों के लिए कौतूहल और चर्चा का विषय बन गया।

अचानक पहुंचे राहुल गांधी, पार्क में चालकों संग साझा किया टिफिन

पार्क में मौजूद ऑटो चालकों ने बताया कि वे रोज़ की तरह दोपहर के विश्राम और भोजन के लिए वहां एकत्र हुए थे। इसी बीच राहुल गांधी बिना किसी तामझाम के सीधे उनके बीच पहुंच गए। उन्हें अपने सामने पाकर चालक हैरान रह गए। राहुल गांधी ने बिना किसी हिचकिचाहट के उनके साथ बैठकर खाना खाया और बेहद आत्मीयता से बातचीत शुरू की। इस अनौपचारिक मुलाकात ने वहां का माहौल बेहद सहज बना दिया और चालकों ने खुलकर अपनी बात रखी।

सीएनजी की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी पर जताई गंभीर चिंता

संवाद के दौरान ऑटो चालकों ने अपने दैनिक जीवन और आजीविका से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को देश के मुख्य विपक्षी नेता के सामने रखा। चालकों ने बताया कि आसमान छूती महंगाई और सीएनजी की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने उनकी दैनिक कमाई पर भारी असर डाला है। इसके साथ ही, उन्होंने सबसे बड़ा दर्द अपने बच्चों के भविष्य को लेकर साझा किया। चालकों ने कहा कि तंगहाली में भी उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई, लेकिन डिग्री होने के बावजूद युवा आज रोजगार संकट से जूझ रहे हैं और दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

संसद में जनता की आवाज उठाने का मिला ठोस आश्वासन

सारे मुद्दों को गंभीरता से सुनने के बाद राहुल गांधी ने सभी चालकों को ढाढस बंधाया और उनके संघर्ष की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे आम जनता और श्रमजीवी वर्ग से जुड़े इन बुनियादी सवालों को आगामी संसद सत्र में पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और युवाओं के लिए रोजगार का अभाव देश की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, जिनके समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाना बेहद जरूरी है। इस आश्वासन के बाद चालकों ने उम्मीद जताई कि उनके मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित होगा।

Leave a Reply