शाहदरा विवाद पर पुलिस प्रशासन का बड़ा फैसला, ACP पर गिरी निलंबन की गाज

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली पुलिस महकमे में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह उच्चस्तरीय निलंबन आदेश सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर खाकी वर्दीधारियों द्वारा किए गए अभूतपूर्व विरोध-प्रदर्शन के ठीक बाद सामने आया है। पुलिस कर्मियों और अधिवक्ताओं के मध्य चल रहे लंबे गतिरोध और शाहदरा थाने की एक अप्रिय घटना के बाद से राजधानी के पुलिस हलकों में भारी तनाव और खलबली मची हुई है, जिसे गृह मंत्रालय ने बेहद गंभीरता से लिया है।

पुलिस मुख्यालय के बाहर हुआ भारी विरोध प्रदर्शन और स्थानांतरण का विरोध

प्राप्त विवरण के अनुसार, दिल्ली के शाहदरा थाने में हुई झड़प के बाद दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अचानक किए गए तबादलों के विरोध में सोमवार की सुबह महिला पुलिसकर्मियों समेत लगभग 500 की संख्या में पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर इकठ्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों की प्रमुख मांग थी कि एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) अरुण कुमार को उनके पूर्व पदों पर यथावत बहाल किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनकारियों ने वकीलों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को वापस न लेने, अदालतों व कचहरी परिसरों में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा पुलिस बल पर होने वाले हमलों पर रोक लगाने की मांग उठाई। साथ ही पुलिस थानों में एसएचओ के कक्ष के भीतर बिना अनुमति पांच से अधिक अधिवक्ताओं के प्रवेश पर भी पाबंदी लगाने की मांग की गई।

शाहदरा थाने की हाथापाई और अधिवक्ताओं की हड़ताल का प्रकरण

इस पूरे विवाद की जड़ शाहदरा थाने के भीतर पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुई हिंसक हाथापाई है, जिसमें एक अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के तूल पकड़ने और जिला अदालत के वकीलों द्वारा अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार (हड़ताल) का ऐलान किए जाने के बाद दबाव में आकर एसीपी और थाना प्रभारी का अन्यत्र तबादला कर दिया गया था, जिसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त की थी। गत 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में हुई इस झड़प के दौरान अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते वकीलों का आक्रोश भड़क उठा था।

वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और गृह मंत्रालय का कड़ा रुख

इस विवाद के समाधान के तहत दिल्ली पुलिस प्रशासन ने 28 अक्टूबर को गांधी नगर में उपमंडल पुलिस अधिकारी के रूप में तैनात मनस्वी वशिष्ठ का तबादला महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) में कर दिया था, जबकि शाहदरा के तत्कालीन एसएचओ अरुण कुमार को सुरक्षा इकाई में भेज दिया गया था। अधिकारियों के इस स्थानांतरण से पुलिस बल के भीतर उपजे असंतोष और मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन के बाद अंततः गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित करने का निर्णय लिया है।

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