वंदे मातरम् विवाद पर मोहम्मद शमी की दोटूक, कट्टरपंथियों को सुनाई खरी-खरी

नई दिल्ली| भारतीय क्रिकेट टीम से पिछले कुछ समय से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शेमी (मोहम्मद शमी) राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के समर्थन में अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। हाल ही में संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा ने 'राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' को पारित कर दिया है। इस नए संशोधन के अधिनियमित होने के बाद अब देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी विधिवत रूप से कड़ा कानूनी संरक्षण प्राप्त हो गया है।
वंदे मातरम् का अपमान या बाधा डालना अब होगा गंभीर आपराधिक अपराध
नए विधायी संशोधन के प्रावधानों के मुताबिक, अब राष्ट्रीय गीत का जानबूझकर अनादर करना या उसके ससम्मान गायन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना एक दंडनीय आपराधिक कॉपराध माना जाएगा। हालांकि यह विधेयक विपक्ष के कड़े विरोध और हंगामे के बीच सदन से पारित हुआ था, लेकिन सरकार का यह स्पष्ट मत है कि यह ऐतिहासिक कदम देश के राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों को मजबूत कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गौरतलब है कि यह संशोधन मूल रूप से 'राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण अधिनियम, 1971' के कार्यक्षेत्र का विस्तार करता है। अभी तक इस कानून के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा), भारत के संविधान और राष्ट्रगान 'जन गण मन' को ही कानूनी संरक्षण मिला हुआ था, जिसमें अब राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है।
मोहम्मद शमी का बयान हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले कुछ वक्त से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। आगामी 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भी उनका चयन भारतीय टीम में नहीं किया गया है। इस बीच, 'वंदे मातरम्' के संबंध में दिया गया शमी का एक पुराना साक्षात्कार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके चलते वह एक बार फिर सुर्खियों में छाए हुए हैं।
एक इंटरव्यू के दौरान जब शमी से 'वंदे मातरम्' को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही स्पष्ट और दो टूक अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “हमारे दीन और ईमान में भी यह बात सिखाई जाती है कि यदि सरकार या देश का कानून कोई नियम लागू करता है, तो उसका पालन करना हर नागरिक का नैतिक फर्ज है। इसमें किसी भी धर्म या जाति से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।”
'जय हिंद' और 'भारत माता की जय' के नारों पर रखी बेबाक राय
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मोहम्मद शमी ने 'जय हिंद' और 'भारत माता की जय' जैसे देशभक्ति नारों को लेकर भी अपनी राय खुलकर रखी। उन्होंने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि 'जय हिंद' कहने में आपत्ति या दिक्कत होती है, लेकिन आखिर किसको दिक्कत है? मुझे तो नहीं लगता कि किसी को भी इससे कोई परेशानी होनी चाहिए। यदि मैं 'भारत माता की जय' कह देता हूं, तो इससे मेरा या किसी का कुछ भी नहीं बिगड़ने वाला। मैं तो यही मानता हूं कि इन बातों से असल जिंदगी में कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। मेरे सामने भी ऐसी स्थितियां कई बार आ चुकी हैं, और मुझे किसी भी प्रकार का कोई डर नहीं है। सीधी सी बात यह है कि देश की सरकार और कानून जो निर्देश देता है, हमें उसका पालन करना चाहिए; इसमें भला किसी को क्या आपत्ति हो सकती है?”
