दिल्ली में मानसून की तैयारी तेज, 101 जलाशयों के पुनर्जीवन पर एलजी का फोकस

नई दिल्ली। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पूर्वी दिल्ली के यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने राजधानी दिल्ली में गतिमान प्रमुख बुनियादी ढांचागत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं के जमीनी स्तर की प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया। बैठक के दौरान यमुना नदी के तटीय क्षेत्रों के विकास, ऐतिहासिक यमुना बाजार के कायाकल्प, दिल्ली के पारंपरिक जलाशयों के पुनरुद्धार और आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। उपराज्यपाल ने विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तुत की गई 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (एटीआर) का अध्ययन करने के बाद कड़े लहजे में कहा कि दिल्ली के विकास से जुड़े इन तमाम प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ मुकम्मल किया जाए।
यमुना रिवरफ्रंट और घाटों का वैश्विक स्तर पर सौंदर्यीकरण
इस प्रशासनिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप दिल्ली को एक विश्वस्तरीय और आधुनिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में 'यमुना रिवरफ्रंट विकास परियोजना' पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसके तहत यमुना बाजार और उससे सटे हुए सभी प्रमुख घाटों के व्यापक पुनर्विकास, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को उन्नत करने की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मौके पर उपस्थित वरिष्ठ इंजीनियरों और अधिकारियों ने एलजी को इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों, अब तक के काम की वर्तमान स्थिति और आगामी महीनों की कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा से अवगत कराया ताकि निर्माण कार्यों को बिना किसी रुकावट के तेज गति से आगे बढ़ाया जा सके।
जलाशयों का कायाकल्प और द्वारका-रोहिणी की बुनियादी परियोजनाएं
दिल्ली के गिरते भूजल स्तर को सुधारने और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से उपराज्यपाल ने प्रथम चरण के तहत चिन्हित किए गए 101 जलाशयों और तालाबों के पुनर्जीवन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उपनगरीय क्षेत्रों जैसे द्वारका और रोहिणी में चल रहे बड़े विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति पर विशेष मंथन हुआ। इसके साथ ही, राजधानी में आर्थिक पहिये को रफ्तार देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, लक्जरी रिटेल चेन और बड़े लॉजिस्टिक्स हब्स जैसी सामाजिक व आर्थिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। एलजी ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं दिल्ली की व्यावसायिक छवि को वैश्विक पटल पर और मजबूत करेंगी।
मानसून पूर्व डी-सिल्टिंग और बाढ़ नियंत्रण की पुख्ता तैयारी
आगामी मानसूनी सीजन को देखते हुए बैठक में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बेहद गंभीरता से चर्चा की गई। उपराज्यपाल ने वर्ष 2026 की डी-सिल्टिंग (नालों की गाद सफाई) कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए उन संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट्स) में चल रहे काम का ब्योरा मांगा जहां हर साल पानी भरने की समस्या पैदा होती है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि 15 जून से पहले 'केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष' को हर हाल में पूरी तरह से सक्रिय और अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों के साथ तैयार रखा जाए। उपराज्यपाल ने अंत में कहा कि सभी विकासात्मक परियोजनाओं का समय पर और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरना ही एक मजबूत, टिकाऊ और आधुनिक दिल्ली के निर्माण का मुख्य आधार है।
