डीएमके-कांग्रेस रार के बीच विपक्षी गठबंधन में खलबली: उद्धव ठाकरे के कड़े तेवर, INDIA अलायंस पर ले सकते हैं आर-पार का फैसला

मुंबई | महाराष्ट्र में महायुति सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार और महत्वपूर्ण महकमों को लेकर सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी शुरू हो गई है। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन का सही तरीके से ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने आलाकमान से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार के भीतर अंदरूनी खींचतान बढ़ती जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रालयों के आवंटन पर उठाए गंभीर सवाल
नाराज मंत्रियों का तर्क है कि वरिष्ठ नेताओं के लंबे राजनीतिक सफर और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखकर मलाईदार विभागों का बंटवारा किया जाना चाहिए था। कई बार के निर्वाचित विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की वरिष्ठता को संतुलित तरीके से देखा जाना बेहद जरूरी था। इस बयानबाजी ने गठबंधन के अंदर चल रही नाराजगी को खुलकर सामने ला दिया है, जिससे सरकार की एकजुटता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
आगामी चुनाव और सीटों के नुकसान की सता रही चिंता
नेताओं का मानना है कि विभागों का बंटवारा सिर्फ सरकार चलाने का अस्थाई मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर भी पड़ेगा। अगर जमीन पर पकड़ रखने वाले वरिष्ठ नेताओं को संतुष्ट नहीं किया गया, तो इसका बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। नेताओं ने अपील की है कि मौजूदा असंतुलन को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा न हो और गठबंधन मजबूत बना रहे।
