पिंक ई-ऑटो ने आदिवासी महिलाओं को दिखाई आत्मनिर्भरता की राह

नर्मदा। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले का एकतानगर महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहा है। विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के आसपास शुरू की गई ‘पिंक ई-ऑटो’ परियोजना स्थानीय आदिवासी महिलाओं के जीवन में व्यापक आर्थिक बदलाव ला रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित इस अनूठी पहल के जरिए छह गांवों की 85 महिलाओं को रोजगार के नए साधन उपलब्ध कराए गए हैं।
विशेष प्रशिक्षण और ड्राइविंग लाइसेंस सहायता
पर्यटकों को सुगम परिवहन सेवा प्रदान करने और स्थानीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। परियोजना के तहत आदिवासी महिलाओं को ई-ऑटो चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में प्रशासनिक सहायता प्रदान की गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं को पिंक ई-ऑटो आवंटित किए गए, जिनका संचालन कर वे पर्यटकों को एकतानगर के विभिन्न दर्शनीय स्थलों की सैर करा रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक उत्थान
पिंक ई-ऑटो परियोजना 'नारी शक्ति से राष्ट्र शक्ति' के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 100% इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से पर्यटन क्षेत्र में प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। अब तक केवल घरेलू कामकाज में सीमित रहने वाली ये 85 आदिवासी महिलाएं न केवल अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और सामाजिक सम्मान की एक नई मिसाल भी पेश कर रही हैं।
