रक्षाबंधन पर जीण माता मंदिर जाने का बनाएं प्लान, भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी है खास मान्यता

सीकर। भारत के प्राचीन और रहस्यमय मंदिरों की श्रृंखला में राजस्थान के सीकर जिले में एक बेहद अनूठा मंदिर स्थित है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। अरावली की पहाड़ियों के बीच बने इस मंदिर में मां जीण भवानी के साथ उनके भाई हर्ष की भी पूजा की जाती है, जिसके कारण रक्षाबंधन के पावन पर्व पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है।

भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित धाम

यह प्रसिद्ध मंदिर सीकर जिले के जीणमाता गांव में स्थित है और खाटू श्याम जी से लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां मुख्य रूप से मां जीण की आराधना की जाती है। रक्षाबंधन और अन्य विशेष अवसरों पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

यात्रा और पहुंचने के मार्ग

यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग तीनों विकल्प उपलब्ध हैं। सीकर शहर से इस मंदिर की दूरी करीब 29 किलोमीटर है, जबकि जयपुर से यहां पहुंचने के लिए लगभग 110 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें करीब तीन घंटे का समय लगता है। ट्रेन से आने वाले श्रद्धालु रींगस जंक्शन तक की टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर एयरपोर्ट है।

बस और परिवहन की व्यवस्था

राजस्थान के प्रमुख शहरों और सीकर जिले से मंदिर के लिए नियमित बस सेवाएं मिल जाती हैं। जयपुर से पहले सीकर के लिए बस लेनी होती है, जिसके बाद सीकर पहुंचकर जीण माता मंदिर के वास्ते शेयरिंग टैक्सी या ऑटो आसानी से मिल जाते हैं।

मंदिर परिसर और चढ़ाई की जानकारी

पहाड़ी पर स्थित होने के कारण जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 200 से 300 मीटर पैदल चलना पड़ता है। रास्ते में करीब 200 सीढ़ियां आती हैं, जिन्हें पार करने में लगभग आधा घंटा लग सकता है। किसी भी माध्यम से यात्रा करने वाले पर्यटकों को समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

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