‘पॉलिटिकल टेररिज्म’ बयान पर सियासत तेज, संजय राउत का नया तंज

मुंबई: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में दिए गए कथित बयान पर छिड़े सियासी घमासान में अब शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत भी कूद पड़े हैं। राउत ने खरगे के बयान का बचाव करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़े प्रहार किए हैं।

'पॉलिटिकल टेररिज्म' पर संजय राउत का बयान

मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश भर में भय का माहौल बना रहे हैं।

  • एजेंसियों का दुरुपयोग: राउत ने आरोप लगाया कि ईडी (ED), सीबीआई (CBI), चुनाव आयोग और यहां तक कि न्यायपालिका का डर दिखाकर विपक्ष को दबाया जा रहा है। उन्होंने इन संस्थाओं को पीएम मोदी के 'हथियार और मिसाइल' करार दिया।
  • दहशत और चुनाव: राउत के अनुसार, महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक डराने-धमकाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी दहशत के दम पर चुनाव जीते जा रहे हैं, जिसे 'पॉलिटिकल टेररिज्म' (राजनीतिक आतंकवाद) कहना गलत नहीं होगा।
  • धमकी भरी भाषा: उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री अक्सर 'परिणाम भुगतने' की बात करते हैं। राउत ने पूछा, "आप हमें धमकियां क्यों दे रहे हैं? यह डराने वाली भाषा ही दूसरे शब्दों में आतंकवाद है।"

महाराष्ट्र में मराठी भाषा की अनिवार्यता का समर्थन

टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर संजय राउत ने दो टूक जवाब दिया:

  • स्थानीय भाषा का सम्मान: राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी की अनिवार्यता पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता दी है।
  • रोजगार और भाषा: उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग यहां काम करने और पैसा कमाने आते हैं, उन्हें स्थानीय भाषा सीखनी ही चाहिए। महाराष्ट्र में अपनी भाषा का सम्मान करना कोई विद्रोह नहीं है।

पहलगाम हमले और केंद्र की विदेश नीति पर प्रहार

पहलगाम हमले की बरसी का जिक्र करते हुए संजय राउत ने सुरक्षा व्यवस्था और कूटनीति पर सवाल उठाए:

  • न्याय पर सवाल: राउत ने पूछा कि हमले में मारे गए निर्दोष हिंदू पर्यटकों को अब तक क्या न्याय मिला? उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से इस पर जवाब मांगा।
  • ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप का जिक्र: राउत ने आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान राजनीति की गई। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक फोन के बाद भारत ने अपने कदम पीछे खींच लिए, जबकि आरोपी आतंकवादी आज भी पाकिस्तान में सुरक्षित हैं।

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